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वैदिक ज्योतिष में बुध देव को बुद्धि, तर्क, वाणी, व्यापार और संचार का कारक माना जाता है. वहीं, मंगल के स्वामित्व वाला चित्रा नक्षत्र ऊर्जा, कला, तीक्ष्णता और त्वरित फैसलों का प्रतीक है. आज ग्रहों के राजकुमार बुध मंगल के नक्षत्र चित्रा में प्रवेश करने जा रहे हैं और वे 1 अक्टूबर की सुबह तक इसी नक्षत्र में विराजमान रहेंगे.
बुध और मंगल के बीच सम संबंध होने के बावजूद, बुध (शांत बुद्धि) का मंगल (आक्रामक ऊर्जा) के नक्षत्र में जाना कई बार विचारों में उथल-पुथल, जल्दबाज़ी में गलत फैसले और वाणी में कटुता पैदा कर सकता है. आज से 1 अक्टूबर के दौरान बुध का यह नक्षत्र परिवर्तन जहां कुछ राशियों के लिए शुभ रहेगा, वहीं 3 राशियों के जातकों को विशेष सावधानी और सतर्कता बरतने की आवश्यकता होगी. आइए जानते हैं कि किन राशियों को इस दौरान संभलकर चलने की सलाह दी जाती है.
मेष राशि (Aries)
अशुभ प्रभाव: बुध का यह गोचर आपके छठे (रोग, ऋण व शत्रु) और सातवें (साझेदारी व दांपत्य) भाव को प्रभावित करेगा.
रखें ये सावधानियां: व्यापारिक साझेदार (Business Partner) या जीवनसाथी के साथ संवादहीनता के कारण मतभेद हो सकते हैं. जल्दबाजी में कोई भी नया अनुबंध (Contract) साइन न करें. अपनी सेहत का ध्यान रखें और काम के तनाव को खुद पर हावी न होने दें.
वृश्चिक राशि (Scorpio)
अशुभ प्रभाव: आपकी राशि के स्वामी मंगल के ही नक्षत्र में बुध का जाना आपके खर्चों और मानसिक तनाव को बढ़ा सकता है.
रखें ये सावधानियां: आर्थिक मामलों में विशेष सावधानी बरतें; बिना सोचे-समझे किया गया बड़ा निवेश नुकसान पहुंचा सकता है. गुप्त शत्रु आपके खिलाफ साजिश रच सकते हैं, इसलिए अपनी गुप्त बातें किसी से साझा न करें. वाणी पर नियंत्रण रखें, अन्यथा बनते हुए काम बिगड़ सकते हैं.
मीन राशि (Pisces)
अशुभ प्रभाव: बुध आपके सातवें और आठवें (अष्टम – रुकावटें व अचानक उतार-चढ़ाव) भाव के स्वामी होकर चित्रा नक्षत्र से गुजरेंगे.
रखें ये सावधानियां: कार्यक्षेत्र में वरिष्ठों या सहकर्मियों के साथ बातचीत करते समय संयम बनाए रखें. इस दौरान पैसों के लेन-देन में लापरवाही न बरतें. अचानक कुछ अप्रत्याशित खर्चे सामने आ सकते हैं, जिससे आपका बजट बिगड़ सकता है. वाहन चलाते समय सावधानी रखें.
बुध के अशुभ प्रभाव से बचने के उपाय
– प्रतिदिन या विशेषकर बुधवार के दिन भगवान श्री गणेश को दूर्वा (दूब घास) अर्पित करें और गणेश अथर्वशीर्ष का पाठ करें.
– इस अवधि के दौरान बहसबाजी से दूर रहें और कोई भी बड़ा निर्णय सोच-समझकर लें.
– बुधवार के दिन किसी जरूरतमंद को हरी मूंग की दाल, हरे वस्त्र या पालक का दान करें.










