bplnews24:
यश की ‘Toxic: A Fairytale for Grown-Ups’ से 2026 की सबसे बड़ी फिल्मों में शामिल होने की उम्मीद थी. फिल्म की स्टारकास्ट, जबरदस्त स्केल और यश की चार साल बाद वापसी ने माहौल बना दिया था. लेकिन रिलीज के बाद जो हुआ, उसने मेकर्स का पूरा बॉक्स ऑफिस गणित बिगाड़ दिया.
फिल्म ने करीब 140 करोड़ की वर्ल्डवाइड ओपनिंग लेकर ब्लॉकबस्टर शुरुआत की थी. भारत में पहले दिन नेट कलेक्शन करीब 101 करोड़ रहा. लगा कि फिल्म अब बॉक्स ऑफिस पर लंबी रेस दौड़ेगी. लेकिन दूसरे ही दिन कमाई करीब 37 करोड़ पर आ गई और पहले सोमवार तक रोज की कमाई 10 करोड़ से नीचे चली गई.
15वें दिन तक फिल्म का वर्ल्डवाइड कलेक्शन करीब 339.32 करोड़ था. 16वें दिन भारत में फिल्म ने सिर्फ करीब 40 लाख कमाए. यानी जिस फिल्म ने पहले दिन करोड़ों की बारिश की थी, उसकी रफ्तार कुछ ही दिनों में बुरी तरह बैठ गई.
300-350 करोड़ तक का नुकसान?
ट्रेड एनालिस्ट रमेश बाला ने इंडिया टुडे से बातचीत में कहा कि ‘टॉक्सिक’ का नुकसान करीब 300 से 350 करोड़ तक हो सकता है. उनके मुताबिक फिल्म अपने बजट का लगभग 60 फीसदी हिस्सा भी रिकवर नहीं कर पाई. फिल्म का प्रोडक्शन बजट करीब 450 करोड़ बताया गया है, जबकि पब्लिसिटी, रिलीज, ब्याज और दूसरे खर्च जोड़ने पर कुल निवेश 500 करोड़ या उससे ज्यादा होने की भी रिपोर्ट्स हैं.
हालांकि यहां एक बात समझना जरूरी है- वर्ल्डवाइड ग्रॉस और बजट को सीधे घटाकर फिल्म का नुकसान नहीं निकाला जा सकता. कमाई का हिस्सा थिएटर मालिकों, डिस्ट्रीब्यूटर्स और प्रोड्यूसर्स में बंटता है. इसके अलावा OTT, सैटेलाइट और म्यूजिक राइट्स से होने वाली कमाई भी हिसाब में आती है. इसलिए नुकसान के आंकड़े अलग-अलग बताए जा रहे हैं.
100 करोड़ की ओपनिंग, फिर ऐसा क्या हुआ?
‘टॉक्सिक’ की सबसे बड़ी परेशानी इसकी ओपनिंग नहीं, बल्कि ओपनिंग के बाद का क्रैश रहा. यश की स्टार पावर, नयनतारा और कियारा आडवाणी की मौजूदगी और फिल्म के बड़े स्केल ने पहले दिन दर्शकों को सिनेमाघरों तक खींच लिया. लेकिन इसके बाद फिल्म के लिए वही भीड़ बरकरार नहीं रही. फिल्म को रन के दौरान ‘मिर्जापुर: द मूवी’ और ‘हनुमान अंश’ जैसी फिल्मों से भी मुकाबला करना पड़ा. जैसे-जैसे दूसरी फिल्मों ने रफ्तार पकड़ी, ‘टॉक्सिक’ के शो और स्क्रीन भी कम होते गए.
हाल ही में यश के एक दोस्त ने भी बताया कि एक्टर टॉक्सिक के फ्लॉप होने से कितना दुखी हैं. उनके मुताबिक ये दर्द उनकी आवाज में महसूस किया जा सकता है.
गेम चेंजर और आदिपुरुष से भी हुई तुलना
‘टॉक्सिक’ की तुलना अब राम चरण की ‘गेम चेंजर' और प्रभास की ‘आदिपुरुष’ से भी हो रही है. रिपोर्ट्स के मुताबिक ‘गेम चेंजर’ का बजट करीब 300-400 करोड़ और वर्ल्डवाइड थिएट्रिकल कलेक्शन करीब 186 करोड़ रहा था, जबकि नुकसान करीब 200 करोड़ बताया गया. वहीं ‘आदिपुरुष’ का बजट अलग-अलग रिपोर्ट्स में 500-700 करोड़ के बीच बताया गया और फिल्म ने करीब 350 करोड़ का वर्ल्डवाइड थिएट्रिकल ग्रॉस किया. इसके नुकसान का अनुमान करीब 220 करोड़ लगाया गया.
अगर ‘टॉक्सिक’ को लेकर सामने आ रहे 300 करोड़ या उससे ज्यादा के नुकसान के आंकड़े सही साबित होते हैं, तो फिल्म इन दोनों से भी बड़े फाइनेंशियल झटके की कैटेगरी में पहुंच सकती है.
OTT के चक्कर में भी बिगड़ा खेल?
फिल्म की कमाई कमजोर होने के बाद इसका असर नॉन-थिएट्रिकल बिजनेस पर भी पड़ता दिख रहा है. रिपोर्ट्स के मुताबिक मेकर्स ने रिलीज से पहले OTT डील फाइनल नहीं की थी. उम्मीद थी कि फिल्म ब्लॉकबस्टर चलेगी तो डिजिटल राइट्स की कीमत और बढ़ेगी. लेकिन हुआ इसका उल्टा.
रमेश बाला के मुताबिक, अगर OTT राइट्स पहले बेच दिए जाते तो नुकसान का मार्जिन कम से कम 100 करोड़ तक कम हो सकता था. रिपोर्ट्स में दावा किया गया कि करीब 200 करोड़ की उम्मीद वाली OTT डील अब सिर्फ 30 करोड़ के आसपास बताई जा रही है. हालांकि यह आंकड़ा कन्फर्म नहीं है.
‘टॉक्सिक’ ने आखिर कहां कर दी सबसे बड़ी गलती?
यश की ‘टॉक्सिक’ की कहानी में सबसे बड़ा झटका यही है कि फिल्म फ्लॉप ओपनिंग के कारण नहीं डूबी, बल्कि ब्लॉकबस्टर ओपनिंग के बाद संभल नहीं पाई. 100 करोड़ से ज्यादा की घरेलू ओपनिंग और करीब 140 करोड़ की वर्ल्डवाइड शुरुआत ने फिल्म से बहुत बड़े कलेक्शन की उम्मीद जगा दी थी. लेकिन बाद की गिरती कमाई ने पूरा रिकवरी मॉडल बिगाड़ दिया.
यश की पिछली फिल्म ‘KGF: Chapter 2’ की जबरदस्त सफलता के बाद ‘टॉक्सिक’ से उम्मीदें पहले ही आसमान पर थीं. चार साल बाद वापसी, पैन-इंडिया अपील और करीब 450-500 करोड़ के भारी-भरकम निवेश ने दबाव और बढ़ा दिया. अब करीब 340 करोड़ के आसपास अटकती वर्ल्डवाइड कमाई इस फिल्म की सबसे बड़ी कहानी बन गई है.
यानी ‘टॉक्सिक’ सिर्फ बॉक्स ऑफिस पर कम नहीं चली- इस फिल्म का पूरा बिजनेस प्लान ही उल्टा पड़ता नजर आ रहा है. ओपनिंग से लेकर थिएट्रिकल रन और OTT राइट्स तक, जिस गणित से फिल्म को कमाई का पहाड़ बनना था, वही अब सबसे बड़ा घाटा बन गया है.










