Home मध्य प्रदेश मुख्य सचिव ने समाधान ऑनलाइन के साथ की विभागीय कार्यों की समीक्षा

मुख्य सचिव ने समाधान ऑनलाइन के साथ की विभागीय कार्यों की समीक्षा

9
0
Jeevan Ayurveda

bplnews24:

भोपाल 

Ad

मुख्यमंत्री जनविश्वास अभियान

मुख्य सचिव  अशोक बर्णवाल ने मुख्यमंत्री जन विश्वास अभियान अंतर्गत धार में समाधान ऑनलाइन के साथ विभागीय कार्यों एवं सीएम हेल्पलाइन शिकायतों की समीक्षा की।

मुख्य सचिव  बर्णवाल ने निर्देश दिए कि सीएम हेल्पलाइन की शिकायतों में अधिकारी स्वयं शिकायतकर्ता से बात करें और शिकायतों का एक्टिव रिव्यू शुरू करें। सौ दिवस या उससे अधिक समय से लंबित शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए प्रत्येक शिकायत की समीक्षा कर समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित किया जाए।

समाधान ऑनलाइन में शिकायतकर्ता जुबे खां की पुलिस प्रकरण से संबंधित शिकायत सुनी गई। प्रकरण का निराकरण हो चुका था। मुख्य सचिव ने संबंधित थाने द्वारा की गई देरी को लेकर पुलिस अधीक्षक को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। पुलिस अधीक्षक को थानों की समीक्षा करने तथा प्रकरणों में चालान लंबित नहीं रखने और प्रत्येक कार्य के लिए समय-सीमा निर्धारित करने के निर्देश दिए।

शिकायतकर्ता सुरेश कुमावत के घर जलने के प्रकरण में राशि मिलने में हुए विलंब पर मुख्य सचिव ने संबंधित समय के नायब तहसीलदार एवं रीडर की एक-एक वेतन वृद्धि रोकने के निर्देश दिए।

पेयजल योजना अंतर्गत शिकायतकर्ता पप्पू मंडलोई की पाइपलाइन फूटने की शिकायत 107 दिवस से लंबित थी। मुख्य सचिव ने नल-जल योजनाओं की प्रभावी मॉनिटरिंग के लिए सिस्टम विकसित करने तथा जिला पंचायत सीईओ को लगातार निगरानी रखते हुए प्रत्येक सप्ताह समीक्षा करने के निर्देश दिए।

निशक्त विवाह प्रोत्साहन योजना से संबंधित शिकायतकर्ता मती बसंती पिता पहाड़ की शिकायत का निराकरण हो चुका था। मुख्य सचिव ने सामाजिक न्याय विभाग को निर्देशित किया कि इस प्रकार की सभी लंबित शिकायतों का एक सप्ताह में निराकरण सुनिश्चित करें।

स्वरोजगार योजना में सब्सिडी नहीं मिलने की शिकायतकर्ता दीप कुमार दांगी तथा प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना की किस्त प्राप्त नहीं होने की शिकायतकर्ता कशिश जाधव की शिकायत भी सुनी गई। मुख्य सचिव ने संबंधित विभागों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए।

मुख्य सचिव ने स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा के दौरान एंबुलेंस के समय पर नहीं पहुंचने की शिकायतों पर गंभीरता से कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने कलेक्टर को संबंधित प्रकरणों में एंबुलेंस की राशि काटने के निर्देश दिए। महिला एवं बाल विकास विभाग को एनआरसी में बच्चों को भर्ती कराकर उन्हें आवश्यक स्वास्थ्य लाभ दिलाने के निर्देश दिए। उन्होंने सबसे अधिक लंबित शिकायत वाले विभागों के अधिकारियों से चर्चा कर शिकायतों के शीघ्र निराकरण के निर्देश दिए। प्रत्येक विभाग की अलग-अलग समीक्षा करते हुए अधिकारियों को शिकायतों के निराकरण के साथ उनकी गुणवत्ता पर भी ध्यान देने को कहा।

बैठक में स्वामित्व योजना की तैयारियों, प्लॉट रजिस्ट्री प्रदान करने तथा अभियान की तैयारियों की भी समीक्षा की गई। इस दौरान सचिव मुख्यमंत्री मध्यप्रदेश शासन डॉ. सुदाम खाड़े, इंदौर संभागायुक्त  भास्कर लक्षकार, कलेक्टर  राजीव रंजन मीना, पुलिस अधीक्षक  सचिन शर्मा और अन्य जिला अधिकारी उपस्थित रहे।

 

Jeevan Ayurveda Clinic

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here