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भोपाल /डिंडोरी
मध्य प्रदेश के डिंडोरी जिले में लगातार हो रही भारी बारिश को देखते हुए जिला प्रशासन ने गुरुवार, 20 अगस्त को स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों में अवकाश घोषित किया है। बच्चों की सुरक्षा और स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए यह फैसला लिया गया है। कलेक्टर अंजू पवन भदौरिया के निर्देश पर जिले के सभी शासकीय और अशासकीय विद्यालयों में 20 अगस्त को विद्यार्थियों के लिए अवकाश रहेगा। यह आदेश नर्सरी से कक्षा 12वीं तक के छात्रों पर लागू होगा। इसके अलावा जिले में संचालित CBSE, ICSE और अन्य शैक्षणिक संस्थानों के विद्यार्थियों के लिए भी छुट्टी रहेगी।
आंगनबाड़ी केंद्र भी रहेंगे बंद
भारी बारिश के कारण जिले के सभी आंगनबाड़ी केंद्रों में भी 20 अगस्त को अवकाश रहेगा। हालांकि, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं को जरूरी जिम्मेदारियां निभाने के निर्देश दिए गए हैं। वे घर-घर जाकर हितग्राहियों को THR (टेक होम राशन) वितरित करेंगी। साथ ही गंभीर कुपोषित बच्चों का फॉलोअप भी सुनिश्चित किया जाएगा।
पन्ना में भी 12वीं तक के सभी स्कूलों में अवकाश है। चित्रकूट में मंदाकिनी नदी का पानी बाजार तक पहुंच गया है। यहां सड़कों पर नाव चल रही हैं। गुप्त गोदावरी की दोनों गुफाएं पर्यटकों के लिए बंद कर दी गई हैं।
रीवा में निराला नगर हॉस्टल, नीम चौराहा, बोदाबाग, समान बांध मोहल्ला, लाखोरीबाग, उपरहटी, तरहटी, संजय नगर और अरुण नगर अनंतपुर समेत कई जगहों पर पानी भरा है। घरों और दुकानों का सामान डूबा है। लोग पानी निकालने की जद्दोजहद में डूबे हैं।
सतना के भुमकहर गांव में 55 वर्षीय चरवाहा नाले में बह गया। SDERF की टीम उसे तलाश कर रही है। उमरिया में संजय गांधी ताप विद्युत केंद्र के जोहिला डैम के 2 गेट एक-एक मीटर तक खोलकर पानी छोड़ा जा रहा है।
शिक्षकों की छुट्टी नहीं
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि अवकाश केवल विद्यार्थियों के लिए घोषित किया गया है। स्कूलों के शिक्षक और अन्य कर्मचारी छुट्टी पर नहीं रहेंगे। सभी शिक्षक और कर्मचारी विद्यालयीन समय में अपने-अपने स्कूलों में उपस्थित रहेंगे।
बच्चों की सुरक्षा को देखते हुए लिया फैसला
डिंडोरी जिले में लगातार बारिश के कारण कई इलाकों में आवागमन प्रभावित होने और मौसम खराब रहने की स्थिति बनी हुई है। ऐसे में जिला प्रशासन ने बच्चों को बारिश के दौरान होने वाली संभावित परेशानियों से बचाने के लिए एक दिन का अवकाश घोषित किया है।
प्रशासन ने संबंधित अधिकारियों और स्कूल प्रबंधन को आदेश का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।










