Home राजनीतिक ‘व्यापक हितों को प्राथमिकता देते हुए छोड़ा पद’: धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे...

‘व्यापक हितों को प्राथमिकता देते हुए छोड़ा पद’: धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर नितिन नवीन का बड़ा बयान

4
0
Jeevan Ayurveda

नई दिल्ली
 NEET पेपर लीक विवाद पर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने उनके इस कदम का समर्थन किया है।

बीजेपी अध्यक्ष नितिन नवीन ने एक्स पर लिखा कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री के तौर पर, धर्मेंद्र प्रधान ने भारत के शिक्षा में सुधार लाने और ऐतिहासिक राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP-2020) व अन्य पहलों को सफलतापूर्वक लागू करने में अहम भूमिका निभाई है।

Ad

पार्टी धर्मेंद्र प्रधान के साथ मजबूती से खड़ी है- नितिन नवीन
व्यापक हितों को प्राथमिकता देते हुए उनका पद छोड़ने का निर्णय सार्वजनिक जीवन में ईमानदारी और निस्वार्थ सेवा के उच्चतम मानदंडों को दर्शाता है। पार्टी इस निर्णय में धर्मेंद्र प्रधान के साथ मजबूती से खड़ी है। मैं उनके भविष्य के प्रयासों के लिए उन्हें शुभकामनाएं देता हूं।

धर्मेंद्र प्रधान ने दिया इस्तीफा
नीट पेपर लीक विवाद पर आखिरकार शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने शनिवार को अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा, पेपर लीक के खिलाफ कॉककोच जनता पार्टी (CJP) के नेतृत्व में हो रहे प्रदर्शनों की बड़ी जीत है, जिसका केंद्र दिल्ली का जंतर-मंतर था।

CJP ने की थी इस्तीफे की मांग
सरकार ने प्रदर्शनकारियों की अन्य मांगों को मानने का भरोसा दिया था। उसमें, नीट पेपर लीक के बाद आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिवारों को मुआवजा देना और इस हफ्ते की शुरुआत में संसद तक मार्च में शामिल लोगों को खिलाफ कोई कानूनी कार्रवाई न करना। फिर भी प्रदर्शनकारी शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग पर अड़े रहे।

धर्मेंद्र प्रधान ने ली पेपर लीक की जिम्मेदारी
इस्तीफा देने के बाद, प्रधान ने कहा कि उन्होंने नीट पेपर लीक की पूरी जिम्मेदारी ली और कभी भी स्थिति से मुंह नहीं मोड़ा, लेकिन जिम्मेदार पदों पर बैठे लोगों ने बाधाएं पैदा करने और छात्रों को गुमराह करने की कोशिश की।

धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा
धर्मेंद्र प्रधान में 'एक्स' पर पोस्ट में लिखा, "जंतर-मंतर और पूरे देश की स्थिति को देखते हुए, जिसका मकसद देश-विरोधी ताकतों को इनका फायदा उठाने से रोकना, राष्ट्रीय एकता बनाए रखाना, यह सुनिश्चित करना कि किसी भी भारतीय छात्र का भविष्य कानूनी पेचीदगियों में न फंसे, और हमारे बच्चों को अपनी पढ़ाई पर समय देने और अपना करियर बनाने पर ध्यान केंद्रित करने देना है। मैंने माननीय प्रधानमंत्री को अपना इस्तीफा सौंप दिया है।"

 

Jeevan Ayurveda Clinic

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here