सिनेमा सिर्फ मनोरंजन नहीं, बल्कि समाज का आईना भी होता है. अगर आप भी इस वीकेंड सच्ची घटनाओं पर आधारित कुछ इमोशनल कहानियां देखना चाहते हैं, तो ZEE5 का रुख कर सकते हैं. इस समय इस प्लेटफॉर्म पर कोर्टरूम ड्रामा से लेकर हाई-ऑक्टेन एक्शन और दिल को छू लेने वाली कई सारी पारिवारिक कहानियां मौजूद हैं. अगर आप तय नहीं कर पा रहे हैं कि क्या देखें, तो हम आपके लिए कुछ बेहतरीन फिल्मों और वेब सीरीज की लिस्ट लेकर आए हैं, जो आपको स्क्रीन से बांधे रखेंगी.
1. सिर्फ एक बंदा काफी है (Sirf Ek Bandaa Kaafi Hai)
यह राजस्थान के एक सच्चे केस पर आधारित कोर्टरूम ड्रामा है. इसमें एक आम वकील (मनोज बाजपेयी) अकेले अपने दम पर कानून की ताकत की मदद से एक ढोंगी बाबा को पोक्सो एक्ट के तहत सलाखों के पीछे पहुंचाता है. यह फिल्म सिखाती है कि सच्चाई के रास्ते पर चलने वाला एक अकेला इंसान भी पूरे सिस्टम से लड़ सकता है.
कास्ट: मनोज बाजपेयी, विपिन शर्मा, प्रियंका सेटिया.
2. वेदा (Vedaa)
यह जातिवाद और सामाजिक असमानता के खिलाफ लड़ाई की कहानी है. एक दलित लड़की 'वेदा' समाज के जुल्मों के खिलाफ आवाज उठाती है, जिसमें उसका साथ पूर्व आर्मी मेजर अभिमन्यु देता है. बेहतरीन सामाजिक संदेश के साथ इसमें सॉलिड एक्शन सीक्वेंस देखने को मिलते हैं. इसकी कहानी अंत तक आपको बांधे रखेगी.
कास्ट: जॉन अब्राहम, शरवरी वाघ, अभिषेक बनर्जी.
3. तैश (Taish)
लंदन के बैकग्राउंड पर बनी यह एक रिवेंज-थ्रिलर है. एक शादी के दौरान अतीत का एक खौफनाक राज सामने आता है, जिससे दो परिवारों के बीच गुस्सा (तैश) और खूनी गेंगवार शुरू हो जाती है. इसकी कहानी शुरू से अंत तक आपको बांधे रखेगी.
कास्ट: पुलकित सम्राट, जिम सरभ, हर्षवर्धन राणे, कृति खरबंदा.
4. थोड़े दूर थोड़े पास (Thode Door Thode Paas)
यह डिजिटल दौर में रिश्तों की दूरी को दिखाती एक फैमिली ड्रामा सीरीज है. एक रिटायर्ड ऑफिसर अपने परिवार को गैजेट्स और सोशल मीडिया से दूर करने के लिए 'डिजिटल डिटॉक्स' का 1 करोड़ रुपये का चैलेंज रखते हैं. आज के दौर में यह सीरीज हर परिवार के लिए एक आईना है. पंकज कपूर की सादगी भरी एक्टिंग और इसकी दिल छू लेने वाली कहानी आपको बेहद पसंद आएगी.
कास्ट: पंकज कपूर, मोना सिंह, कुणाल रॉय कपूर.
IMDb रेटिंग: 7.4/10
5. रिहा (Riha)
यह घरेलू हिंसा पर आधारित एक शॉर्ट फिल्म है. कहानी जोया नाम की महिला की है, जो खुद शोषण का शिकार रह चुकी है, लेकिन अपनी परवाह किए बिना एक दूसरी पीड़ित महिला को समाज के बंधनों से 'रिहा' कराने में मदद करती है. यह महिलाओं के आपसी सपोर्ट और आत्मसम्मान की एक मजबूत कहानी है, जो आपके दिल को छू लेगी.










