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कांग्रेस छोड़ते ही BJP में शामिल हुए प्रद्युत बोरदोलोई, CM हिमंता के दो बड़े संकेतों से बढ़ी सियासी हलचल

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दिसपुर
असम की राजनीति में चुनाव से पहले बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। मंगलवार को कांग्रेस से इस्तीफा देने वाले सांसद प्रद्युत बोरदोलोई ने एक दिन बाद यानी आज (बुधवार को) राज्य की सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (BJP) का दामन थाम लिया। उन्हें राज्य के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा के आमंत्रण पर पार्टी में शामिल कराया गया है। बोरदोलोई के भाजपा में शामिल होने के बाद मुख्यमंत्री सरमा ने कहा कि राज्य इकाई केंद्रीय नेतृत्व से सिफारिश करेगी कि बोरदोलोई को आगामी विधानसभा चुनाव में उम्मीदवार बनाया जाए।

उन्होंने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि आत्मसम्मान रखने वाला कोई भी व्यक्ति वहां नहीं रह सकता। मुख्यमंत्री सरमा ने कहा कि भाजपा आगे भी कांग्रेस के नेताओं को अपने साथ जोड़ने का प्रयास करेगी। उन्होंने दूसरा बड़ा संकेत देते हुए कहा, “स्वाभिमान वाले किसी भी व्यक्ति के लिए कांग्रेस पार्टी में बने रहने का कोई कारण नहीं है। हमारा लक्ष्य और भी कांग्रेस नेताओं को पार्टी में लाना है।”
 

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कांग्रेस की प्रतिक्रिया
दूसरी तरफ, कांग्रेस सांसद और पार्टी महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने बुधवार को बोरदोलोई के इस्तीफे को "बहुत दुर्भाग्यपूर्ण" बताया और कहा कि वह एक सीट पर टिकट को लेकर नाराज थे। प्रियंका ने कहा कि इस्तीफे से पहले उनसे बातचीत का मौका नहीं मिला। उन्होंने कहा कि पार्टी चाहती थी कि इस्तीफ़ा देने से पहले उन्हें बोरदोलोई से बात करने का मौका मिलता। प्रियंका गांधी ने संसद परिसर में इस बारे में पूछे जाने पर संवाददाताओं से कहा, ''यह दुर्भाग्यपूर्ण है, मुझे लगता है कि वह एक टिकट आवंटन से नाराज थे, काश हमें इस बारे में बातचीत करने का मौका मिलता। यह दुर्भाग्यपूर्ण है।''

इस्तीफे के पीछे अंदरूनी कलह
असम में विधानसभा चुनाव से महज 20 दिन पहले कांग्रेस को झटका देते हुए लोकसभा सदस्य प्रद्युत बोरदोलोई ने मंगलवार की रात पार्टी से इस्तीफा दे दिया था। अपने इस्तीफे में बोरदोलोई ने पार्टी के भीतर आंतरिक समस्याओं और उपेक्षा का जिक्र किया। मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा कि वे इस फैसले से खुश नहीं थे, लेकिन पार्टी के भीतर बार-बार अपमान और समर्थन की कमी के कारण उन्हें यह कदम उठाना पड़ा।

इस्तीफे की दी थी धमकी
बोरदोलोई ने हाल में असम के प्रभारी महासचिव जितेंद्र सिंह को पत्र लिखकर कहा था कि यदि लाहौरीघाट के मौजूदा विधायक आसिफ मोहम्मद नजर को विधानसभा चुनाव के लिए दोबारा उम्मीदवार बनाया गया, तो वह पार्टी से इस्तीफा दे सकते हैं। सांसद ने पत्र में आरोप लगाया कि नजर के करीबी सहयोगी इमदादुल इस्लाम अप्रैल 2025 में बोरदोलोई और अन्य पार्टी नेताओं पर हुए हमले में शामिल थे और इस मामले में पुलिस ने उनके खिलाफ आरोपपत्र भी दाखिल किया है।

चुनाव से पहले बढ़ी हलचल
यह सियासी घटनाक्रम ऐसे समय पर हुआ है जब असम में 126 सीटों वाली विधानसभा के लिए चुनावों का ऐलान हो चुका है। राज्य में एक ही चरण में 9 अप्रैल को मतदान होने हैं। मतगणना 4 मई को होगी। इस चुनाव में भाजपा, मुख्यमंत्री हिमंता के नेतृत्व में लगातार तीसरी बार सत्ता में आने की कोशिश कर रही है। भाजपा का कांग्रेस से सीधा मुकाबला है। बता दें कि बोरदोलोई का कांग्रेस छोड़ना हाल का पहला मामला नहीं है। इससे पहले असम कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष भूपेन कुमार बोरा भी भाजपा में शामिल हो चुके हैं, जिससे राज्य की राजनीतिक स्थिति और अधिक रोचक हो गई है।

 

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