Home विदेश जिस मकसद से बना पाकिस्तान, वो हर हाल में हासिल करेंगे –...

जिस मकसद से बना पाकिस्तान, वो हर हाल में हासिल करेंगे – आसिम मुनीर का बड़ा इशारा, किस तरफ है संकेत?

24
0
Jeevan Ayurveda

इस्लामाबाद
पाकिस्तान के चीफ ऑफ डिफेंस, फील्ड मार्शल आसिम मुनीर का एक बयान काफी चर्चा में है। इस बयान में आसिम मुनीर ने कहा कि पाकिस्तान इस्लाम के नाम पर अस्तित्व में आया था। अब वह इस मोड़ पर है, जहां वह अपने इस लक्ष्य को हासिल कर सकता है। खास बात यह है कि जब मुनीर ने यह बात कही तब वहां पर प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ, पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ, पंजाब की मुख्यमंत्री मरियम नवाज समेत कई अन्य वरिष्ठ सिविल और मिलिट्री अधिकारी मौजूद थे। इसके अलावा कैबिनेट मंत्री, पॉलिटिकल लीडर्स और शरीफ परिवार के सदस्य मौजूद थे। मौका था, नवाज शरीफ के पोते और मरियम नवाज के बेटे जुनैद सफदर की शादी का रिसेप्शन का।
 
कहां बोल रहे थे मुनीर
इस दौरान पत्रकारों से बात करते हुए आसिम मुनीर ने कहा कि पाकिस्तान तेजी से अपने लक्ष्य की तरफ बढ़ रहा है। इंडिया टुडे के मुताबिक मुनीर ने कहा कि पाकिस्तान को इस्लाम के नाम पर बनाया गया था। आज यह इस्लामिक देशों में अलग अहमियत रखता है। उन्होंने आगे कहा कि अल्लाह के रास्ते पर आगे बढ़ना खास नियामत है। पाकिस्तान ने हाल के दिनों में मुस्लिम एकता के नाम पर कुछ देशों से डिफेंस और फाइनेंस की डील की है। इन देशों में सऊदी अरब और तुर्की का नाम प्रमुख है। इसके अलावा पाकिस्तान इस्लामिक नाटो बनाने की भी योजना बना रहा है।

अंतर्राष्ट्रीय पहचान की बात
इतना ही नहीं, मुनीर ने अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर पाकिस्तान का दबदबा बढ़ाने की बात की। संभवत: वह डोनाल्ड ट्रंप के साथ वाइट हाउस में मीटिंग और डिनर की तरफ इशारा कर रहे थे। इसके अलावा पाकिस्तान के गाजा पीस में शामिल होने का भी उन्होंने जिक्र किया। इतना ही नहीं, मुनीर ने यह भी बताने की कोशिश की कि मई 2025 में भारत के साथ युद्ध में पाकिस्तान हावी रहा था।

Ad

कैसे अलग हैं मुनीर
बता दें कि फील्ड मार्शल आसिम मुनीर अपने पूर्ववर्तियों से काफी अलग हैं। पिछले आर्मी चीफ ज्यादातर सैंडहर्स्ट-प्रशिक्षित अधिकारी थे, जो औपचारिक रूप से राजनीति और धर्म दोनों से दूर रहते थे, और उन्हें पश्चिमी संगीत और व्हिस्की का शौक था। इसके उलट मुनीर, हाफिए-ए-कुरान हैं। हाफिज-ए-कुरान उसे कहते हैं, जिसे कुरान याद है। ऐसे में मुनीर के लिए धर्म एक बड़ा आधार है। मुनीर, मिलिट्री इंटेलीजेंस और आईएसआई दोनों के मुखिया हैं। उनके पद ग्रहण करने के बाद से ही पाकिस्तानी सेना में धर्म की तरफ रुझान दिखाई देने लगा है।

सेना में धर्म का बढ़ता प्रभाव
मुनीर के नेतृत्व में, सेना ने न केवल राज्य की रक्षा करने के रूप में ही नहीं, बल्कि इस्लाम की रक्षा करने के रूप में भी अधिक स्पष्ट रूप से प्रस्तुत किया है। इसमें 7वीं सदी के अरबी और इस्लामी प्रतीकों का भारी इस्तेमाल किया गया है। सशस्त्र विरोधियों, जिनमें बलोचिस्तान और खैबर पख्तूनख्वा के विद्रोही शामिल हैं, को ‘फितना अल-खवारिज’ और ‘फितना अल-हिंदुस्तान’ कहा गया है, जिससे उन्हें धर्मभ्रष्ट विद्रोही और भारतीय दलाल के रूप में चित्रित किया गया है।

 

Jeevan Ayurveda Clinic

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here