Home देश FATF ने पाकिस्तान को ग्रे लिस्ट में नहीं डाला, जश्न में डूबी...

FATF ने पाकिस्तान को ग्रे लिस्ट में नहीं डाला, जश्न में डूबी शहबाज शरीफ की सरकार

33
0
Jeevan Ayurveda

इस्लामाबाद
 मनी लॉन्ड्रिंग और टेरर फाइनेंसिंग पर नजर रखने वाली संस्था वित्तीय कार्रवाई कार्य बल (FATF) ने पाकिस्तान को ग्रे लिस्ट में नहीं डाला है। इस फैसले पर पाकिस्तान में जश्न का माहौल है। पाकिस्तान का दावा है कि एफएटीएफ ने उसे ग्रे लिस्ट में डालने के भारत के प्रयासों को नजरअंदाज किया है। ऐसे में पाकिस्तान इसे खुद की जीत के तौर पर प्रस्तुत कर रहा है। पाकिस्तानी रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने तो सार्वजनिक तौर पर इसे पाकिस्तान की जीत और भारत की हाल के रूप में प्रस्तुत किया है। पहलगाम आतंकवादी हमले के बाद भारत और पाकिस्तान में तनाव बढ़ गया है। मई के शुरुआती हफ्तों में दोनों देशों के बीच सीमित संघर्ष भी देखने को मिला था।
पाकिस्तान ने क्या दावा किया था

पाकिस्तान ने दावा किया है कि भारत ने जून में हुए एफएटीएफ की बैठक के दौरान पाकिस्तान को फिर से अपनी ग्रे लिस्ट में डालने के लिए काफी दबाव डाला था। FATF की ग्रे लिस्ट में किसी देश को तब तक निगरानी में रखा जाता है, जब तक कि वह अपनी वित्तीय प्रणाली में पहचानी गई खामियों को ठीक नहीं कर लेता। पाकिस्तान को 2022 में FATF की ग्रे लिस्ट से हटा दिया गया था। हालांकि, इसके बावजूद पाकिस्तान ने कोई सुधार नहीं किया है और आतंकवादियों को न सिर्फ सुरक्षित पनाहगाह उपलब्ध करा रहा है,बल्कि टेरर फाइनेंसिंग जैसे आपराधिक कामों में भी शामिल है।

Ad

रेडियो पाकिस्तान ने भारत के खिलाफ उगला जहर

पाकिस्तान के सरकारी प्रसारक रेडियो पाकिस्तान ने शनिवार को बताया, "वित्तीय कार्रवाई कार्य बल ने शनिवार को हुई अपनी बैठक में पाकिस्तान को ग्रे सूची में नहीं डालने का फैसला किया है।" उसने आगे यह भी कहा, "एफएटीएफ के फैसले के बाद, भारत अपने उद्देश्यों को प्राप्त करने में पूरी तरह विफल रहा है, क्योंकि भारतीय राजनयिक प्रतिनिधिमंडल ने एफएटीएफ की बैठक में पाकिस्तान को एक बार फिर ग्रे सूची में शामिल कराने के लिए पुरजोर प्रयास किया।"

भारत और एफएटीएफ ने नहीं दी प्रतिक्रिया

एफएटीएफ या भारत सरकार ने अभी तक इस घटनाक्रम पर कोई टिप्पणी नहीं की है। यह निगरानी संस्था आमतौर पर प्रत्येक वर्ष अक्टूबर, फरवरी और जून में अपनी पूर्ण बैठकें आयोजित करती है। रेडियो पाकिस्तान ने बताया कि चीन ने एफएटीएफ की बैठक में इस्लामाबाद के पक्ष में "स्पष्ट रुख" अपनाया, जबकि तुर्की और जापान ने भी पाकिस्तान को ग्रे सूची में नहीं डालने के लिए "पूरी तरह से समर्थन" दिया। सरकारी प्रसारक ने इसे पाकिस्तान के राजनयिक मिशन की जीत बताते हुए कहा, "भारत इजरायल की मदद से पाकिस्तान के खिलाफ एफएटीएफ का इस्तेमाल करने की पूरी कोशिश कर रहा था।"

ख्वाजा आसिफ ने बताया पाकिस्तान की जीत

पाकिस्तानी रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने कहा कि भारत और इजरायल के ठोस प्रयासों के बावजूद वित्तीय कार्रवाई कार्य बल (एफएटीएफ) द्वारा पाकिस्तान को फिर से अपनी "ग्रे लिस्ट" में न डालने का फैसला एक बड़ी जीत है। रविवार को एक्स पर एक पोस्ट में, आसिफ ने कहा कि एफएटीएफ ने एक दिन पहले अपने अंतर्राष्ट्रीय सहयोग समीक्षा समूह की बैठक के बाद पाकिस्तान को फिर से सूचीबद्ध न करने का फैसला किया है। उन्होंने लिखा, "यह पाकिस्तान के लिए एक बड़ी जीत है कि भारत और इजरायल की तमाम साजिशों के बावजूद पाकिस्तान को ग्रे लिस्ट में शामिल नहीं किया गया है।" उन्होंने इस फैसले का श्रेय प्रमुख सहयोगियों के मजबूत समर्थन को दिया। आसिफ ने कहा, "चीन ने स्पष्ट रुख अपनाया और पाकिस्तान को राहत देने का समर्थन किया, जबकि तुर्की ने चीन के रुख का समर्थन किया।" "जापान ने भी पाकिस्तान का पूरा समर्थन किया क्योंकि वह एशिया प्रशांत समूह (एपीजी) का सह-अध्यक्ष है।"

Jeevan Ayurveda Clinic

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here