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14 अप्रैल से आरम्भ हुए विवाह समारोहों पर आठ जून से 145 दिन के लिए फिर से लगा विराम

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14 अप्रेल से आरम्भ हुए विवाह समारोहों पर आठ जून से 145 दिन के लिए फिर से विराम लग जाएगा। 12 जून को गुरु ग्रह अस्त हो जाएंगे। ऐसे में मान्यतानुसार गुरु ग्रह के उदय होने तक फिर विवाह नहीं होंगे। जून में अंतिम विवाह मुहूर्त 8 जून को है। गुरु ग्रह 9 जुलाई तक अस्त रहेंगे। वहीं, 6 जुलाई देवशयनी एकादशी से चातुर्मास प्रारंभ हो जाएगा। इस कारण जुलाई से 1 नवंबर तक विवाह मुहूर्त नहीं रहेंगे। इस तरह 8 जून से 1 नवम्बर के बीच विवाह समारोहों पर विराम रहेगा। 8 जून तक महज 13 दिन ही विवाह मुहूर्त बचे हैं। इसे देखते हुए विवाह स्थलों की बुकिंग तेज हो गई है।

मई में आठ जून में पांच
ज्योतिषाचार्यों के अनुसार मई में 16, 17, 18, 22, 23, 24, 27 और 28 मई को विवाह होंगे। वहीं जून में महज 5 दिन ही विवाह के मुहूर्त बाकी हैं। 2, 4 , 5, 7 व 8 जून को ये मुहूर्त हैं। इस तरह इस सीजन में अब 13 विवाह मुहूर्त बचे हैं।

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बुकिंग जोरों पर
मई व जून में अब विवाह के कम मुहूर्त होने के चलते शहर के मैरिज गार्डन, बारातघर व होटलों की बुकिंग जोरों पर है। टैंट, बैंड व अन्य जरूरी बुकिंग जोरों पर चल रही है। विवाह की खरीदारी का दौर भी जमकर जारी है। सराफा बाजार में विवाह के लिए आभूषण खरीदने लोग उमड़ रहे हैं। सराफा व्यापारियों के अनुसार बीते कुछ दिनों से सराफा बाजार में बिक्री बढ़ गई है। टेंट व्यापारियों ने बताया कि इन बुकिंग अच्छी हुई है।

27 दिन तक गुरु अस्त, फिर चातुर्मास
ज्योतिषाचार्यो के अनुसार विवाह के लग्न मुहूर्त देखते समय गुरु व शुक्र ग्रह का अच्छी स्थिति में होना जरूरी होता है। हिंदू पंचांग के अनुसार वर्ष 2025 में 12 जून से से 9 जुलाई के बीच गुरु ग्रह 27 दिन के लिए अस्त होने वाले हैं। गुरु ग्रह अस्त होने के कारण विवाह कार्य नहीं होगा। वहीं 6 जुलाई को देवशयनी एकादशी से चातुर्मास लगने के चलते विवाह नहीं होंगे।

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