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पोर्टल से जल आपूर्ति, मात्रा और गुणवत्ता मापदंडों का किया जायेगा नियमित मूल्यांकन

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भोपाल
लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री श्रीमती संपतिया उइके ने 'जल दर्पण पोर्टल' तथा फीडबैक एवं शिकायत निवारण प्रणाली कॉल-सेंटर का शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि यह पहल प्रदेश में पेयजल योजनाओं की निगरानी और हितग्राहियों की समस्याओं के समाधान की दिशा में यह एक ऐतिहासिक कदम है।

मंत्री श्रीमती उइके ने कहा कि यह पोर्टल और कॉल-सेंटर हितग्राहियों को अपनी समस्याएं सीधे विभाग तक पहुंचाने का प्रभावी माध्यम बनेंगे। इससे न केवल शिकायतों का त्वरित समाधान सुनिश्चित होगा, बल्कि योजनाओं की जमीनी हकीकत से भी विभाग अवगत होगा। इससे कार्यों में पारदर्शिता आयेगी, जबावदेही और सेवा गुणवत्ता में वृद्धि होगी।

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लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग द्वारा विकसित यह पोर्टल जल जीवन मिशन के अंतर्गत नल-जल योजनाओं की कव्हरेज और कार्यशीलता की वास्तविक समय में निगरानी करने, हितग्राहियों से प्रत्यक्ष फीडबैक प्राप्त करने, सेवा वितरण की गुणवत्ता मापने, समस्याओं की पहचान करने और तत्काल समाधान सुनिश्चित करने के उद्देश्य से शुरू की गई है।

राज्य स्तर पर स्थापित कॉल-सेंटर नल से जल आपूर्ति की नियमितता, मात्रा और गुणवत्ता जैसे महत्वपूर्ण सेवा मापदंडों का मूल्यांकन करेगा। यह सिस्टम अधिकारियों की जिम्मेदारी तय करते हुए ग्रामीण जल संरचना को मजबूत करेगा और नागरिक संतुष्टि को प्राथमिकता देगा।

मध्यप्रदेश देश का पहला राज्य बन गया है, जहाँ जल जीवन मिशन की पूर्ण योजनाओं की गतिविधियों का स्वतः फीडबैक लेने की व्यवस्था लागू की गई है। इससे अब प्रदेश में जल आपूर्ति योजनाओं की अद्यतन स्थिति का डाटा सुलभ होगा, जिससे बंद पड़ी योजनाओं की पहचान कर समय पर सुधारात्मक कार्रवाई की जा सकेगी।

प्रदेश में जल जीवन मिशन में अब तक 111.77 लाख ग्रामीण परिवारों में से 77.12 लाख परिवारों (69 प्रतिशत) को नल से जल प्रदाय सुनिश्चित किया जा चुका है। देश का पहला 'हर घर जल' जिला बनने का गौरव बुरहानपुर को प्राप्त हुआ है। निवाड़ी जिले के सभी ग्रामीण परिवारों को नल से जल उपलब्ध करा कर ‘हर घर जल’ जिला घोषित किया जा चुका है। इंदौर जिले के समस्त ग्रामीण परिवारों को नल से जल उपलब्ध कराने का कार्य अंतिम चरण में है और शीघ्र ही इंदौर को भी ‘हर घर जल’ जिला घोषित किया जाएगा।

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की अति महत्वाकांक्षी योजना जल जीवन मिशन को राज्य सरकार ने सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में प्रदेश में एकल ग्राम नल-जल योजनाओं को समयबद्ध रूप से पूर्ण करने और सुशासन आधारित सेवा वितरण सुनिश्चित करने के लिए हर स्तर पर ठोस प्रयास किए जा रहे हैं। 'जल दर्पण पोर्टल' और शिकायत निवारण प्रणाली इसी दिशा में उठाया गया एक क्रांतिकारी कदम है, जो जल-जीवन मिशन को नई ऊर्जा और पारदर्शिता के साथ गति प्रदान करेगा।

इस अवसर पर प्रमुख सचिव श्री पी. नरहरि, जल निगम के प्रबंध निदेशक श्री के. व्ही.एस. चौधरी, प्रमुख अभियंता श्री के. के. सोनगरिया सहित वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित थे।

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