Home छत्तीसगढ़ टीबी मुक्त ग्राम पंचायत कार्य में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए छत्तीसगढ़ को...

टीबी मुक्त ग्राम पंचायत कार्य में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए छत्तीसगढ़ को मिला राष्ट्रीय सम्मान : मंत्री जायसवाल

77
0
Jeevan Ayurveda

रायपुर : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की सरकार स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर है सजग और प्रतिबद्ध : स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल

टीबी मुक्त ग्राम पंचायत कार्य में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए छत्तीसगढ़ को मिला राष्ट्रीय सम्मान : मंत्री जायसवाल

Ad

देश में टीबी उन्मूलन प्रयासों में प्रथम स्थान प्राप्त कर राज्य ने दिखाई अपनी कार्यक्षमता : मंत्री जायसवाल

स्वास्थ्य मंत्री ने राज्य के उत्कृष्ट स्वास्थ्य कर्मियों को किया सम्मानित

रायपुर

स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल आज रायपुर मेडिकल कॉलेज ऑडिटोरियम में आयोजित टीबी उन्मूलन एवं एनक्यूएएस (NQAS) में उत्कृष्ट कार्य करने वाले स्वास्थ्य कर्मियों के राज्य स्तरीय सम्मान समारोह में शामिल हुए।

इस अवसर पर स्वास्थ्य मंत्री जायसवाल ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर सजग, संवेदनशील और सक्रिय है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा वर्ष 2025 तक भारत को टीबी मुक्त बनाने के लक्ष्य की दिशा में छत्तीसगढ़ भी पूरे समर्पण और संकल्प के साथ काम कर रहा है।

स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ को देश में टीबी मुक्त ग्राम पंचायत कार्य को सर्वश्रेष्ठ ढंग से लागू करने के लिए राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित किया गया है, जो हम सभी के लिए गौरव की बात है। राज्य की 4103 ग्राम पंचायतें टीबी मुक्त घोषित की गई हैं। यह उपलब्धि ग्राम पंचायतों के जनप्रतिनिधियों, स्वास्थ्यकर्मियों और नागरिकों की सहभागिता का परिणाम है।

उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग को और अधिक प्रभावशाली बनाने के लिए टीम भावना से काम करना जरूरी है, ताकि योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुँचे।

गौरतलब है कि निक्षय निरामय अभियान के अंतर्गत राज्य में 36 लाख से अधिक हाई रिस्क व्यक्तियों की स्क्रीनिंग, 4.5 लाख एक्स-रे जांच और 1.5 लाख टीबी जांच उच्च तकनीक NAT मशीनों से की गई। इन प्रयासों से 100 दिनों के भीतर 17 हजार नए टीबी मरीजों की पहचान कर उपचार प्रारंभ किया गया। साथ ही 3130 नए नि-क्षय मित्रों का पंजीयन कर, 25 हजार से अधिक टीबी मरीजों को पोषण आहार प्रदान किया गया।

इस मौके पर स्वास्थ्य विभाग के सचिव अमित कटारिया ने कहा कि यह उपलब्धि हमारे जमीनी स्वास्थ्यकर्मियों की मेहनत और प्रतिबद्धता का प्रमाण है। हमारा उद्देश्य सिर्फ लक्ष्य तय करना नहीं, बल्कि ठोस परिणाम देना है। टीबी के खिलाफ हमारी यह लड़ाई अब केवल अभियान नहीं, बल्कि राष्ट्रीय सेवा है।

राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की प्रबंध संचालक डॉ. प्रियंका शुक्ला ने कहा कि 'नि-क्षय मित्र' अभियान ने प्रदेश में सामुदायिक भागीदारी की एक नई मिसाल कायम की है। उन्होंने कहा कि यह वर्ष टीबी उन्मूलन की दिशा में निर्णायक सिद्ध होगा और सभी स्वास्थ्यकर्मी इसे अपना व्यक्तिगत संकल्प मानें।

सम्मान समारोह में विभिन्न श्रेणियों में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए जिलों को पुरस्कृत किया गया। 350 से कम पंचायतों की श्रेणी में मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर को पहला, कोरिया को दूसरा और मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी को तीसरा स्थान प्राप्त हुआ। वहीं, 350 से अधिक पंचायतों की श्रेणी में जशपुर को प्रथम, सरगुजा को द्वितीय और रायगढ़ को तृतीय पुरस्कार प्रदान किया गया।

नि-क्षय मित्र पहल श्रेणी में गरियाबंद को प्रथम और रायपुर को द्वितीय पुरस्कार से सम्मानित किया गया। 100 दिवसीय निक्षय निरामय अभियान में उच्च वरीयता वाले जिलों के अंतर्गत नारायणपुर को प्रथम और कोंडागांव को द्वितीय स्थान प्राप्त हुआ, जबकि निम्न वरीयता वाले जिलों में कांकेर को पहला और मुंगेली को दूसरा पुरस्कार प्रदान किया गया।

राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन प्रमाण (NQAS) श्रेणी में रायपुर को प्रथम, महासमुंद को द्वितीय और दुर्ग को तृतीय पुरस्कार मिला।

इस राज्य स्तरीय सम्मान समारोह में संचालक डॉ. सुरेंद्र पामभोई, विभागीय अधिकारीगण, जिलों के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, सिविल सर्जन, डीपीएम सहित विकासखंड स्तरीय अधिकारी एवं चिकित्सकगण उपस्थित थे।

Jeevan Ayurveda Clinic

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here