Home मध्य प्रदेश स्कूल शिक्षा मंत्री सिंहने शिक्षकों की उपस्थिति के लिये ऑनलाइन व्यवस्था...

स्कूल शिक्षा मंत्री सिंहने शिक्षकों की उपस्थिति के लिये ऑनलाइन व्यवस्था की प्रशंसा की, लोक शिक्षण संचालनालय में हुई समीक्षा बैठक

76
0
Jeevan Ayurveda

भोपाल

स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह ने कहा है कि प्रदेश में स्कूल शिक्षा की गुणवत्ता के लिये विद्यार्थियों से जुड़े सभी कार्य निर्धारित कैलेण्डर में पूरा किया जाना सुनिश्चित किया जाये। उन्होंने शिक्षकों की उपस्थिति के लिये ऑनलाइन व्यवस्था की प्रशंसा की। मंत्री सिंह ने कहा कि ऑनलाइन शिक्षकों की अटेंडेंस को पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर उज्जैन और नरसिंहपुर जिले में तत्काल लागू किया जाये। मंत्री सिंह गुरूवार को लोक शिक्षण संचालनालय में विभागीय अधिकारियों की बैठक को संबोधित कर रहे थे। बैठक में सचिव स्कूल शिक्षा संजय गोयल, आयुक्त लोक शिक्षण श्रीमती शिल्पा गुप्ता, संचालक राज्य शिक्षा केन्द्र हरजिंदर सिंह, पाठ्य पुस्तक निगम के एमडी विनय निगम विशेष रूप से उपस्थित थे।

Ad

स्कूल शिक्षा मंत्री सिंह ने विभाग में लंबित अनुकंपा नियुक्ति के प्रकरणों के निराकरण में संवेदनशील रूख रखने के निर्देश दिये। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि स्कूल शिक्षा से जुड़ी केन्द्रीय योजनाओं में राज्य को मिलने वाली राशि को प्राप्त करने के लिये विशेष पहल की जाये। मंत्री सिंह ने कहा कि विभाग में ऐसी व्यवस्था की जाये कि सेवानिवृत्त होने के बाद शिक्षकों और कर्मचारियों के स्वत्वों का भुगतान समय पर हो जाये। जन-प्रतिनिधियों से प्राप्त होने वाले पत्र पर विभाग की ओर से शीघ्र कार्यवाही पत्र भेजने की व्यवस्था की जाये।

योजना के क्रियान्वयन की स्थिति

बैठक में बताया गया कि शैक्षणिक सत्र 2025-26 में 82 लाख विद्यार्थियों को पाठ्‌य पुस्तकों का वितरण होना है। विभाग द्वारा 60 प्रतिशत पाठ्य पुस्तकों के वितरण का कार्य पूरा किया जा चुका है। कक्षा 1 से 8 तक के करीब 60 लाख विद्यार्थियों को यूनिफार्म डीबीटी के माध्यम से दिये जाने की व्यवस्था की जा रही है। बैठक में निशुल्क साइकिल, छात्रवृत्ति, लैपटॉप, स्कूटी वितरण की प्रक्रिया समय-सीमा में किये जाने की जानकारी दी गई। बैठक में माध्यमिक शाला से हाई स्कूल, हाई स्कूल से हायर सेकण्डरी स्कूल के उन्न्यन की जानकारी दी गई। उन्नयन की कार्यवाही इस वर्ष 15 जून तक पूरी कर ली जायेगी।

सचिव स्कूल शिक्षा डॉ. गोयल ने बताया कि ग्रीष्म काल में उन स्कूलों की पहचान कर ली जायेगी, जो जर्जर हो गये हैं। उनके वैकल्पिक स्थान, अतिरिक्त कक्ष निर्माण मरम्मत संबंधी कार्य प्राथमिकता के साथ किये जायेंगे। मरम्मत कार्य के लिये 149 करोड़ और अतिरिक्त कक्षा निर्माण के लिये 100 करोड़ रूपये का प्रावधान रखा गया है। बैठक में स्मार्ट क्लास, आईसीटी लेब की भी जानकारी दी गई। बैठक में बताया गया कि 45 हजार 500 हायर सैकेण्डरी, 1 लाख 62 हजार प्राथमिक शिक्षकों को टेबलैट प्रदाय किये जा चुके हैं। 75 हजार माध्यमिक शिक्षकों को टेबलैट प्रदान किये जाने की कार्रवाई की जा रही है। स्टार्च प्रोजेक्ट के अंतर्गत 52 सीएम राइज स्कूलों में रोबोटिक्स लैब की स्थापना की जा रही है। 458 पीएमविद्यालयों में अटल टिंकेरिंग लेब स्थापित की जा रही है। बैठक में फर्नीचर व्यवस्था के संबंध में भी चर्चा की गई।

 

Jeevan Ayurveda Clinic

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here