मध्य प्रदेशराज्य

PCC में होगी कई छंटनी, हजारों नेताओं के पद वापसी की तैयारी में कांग्रेस

भोपाल
उपचुनाव में मिली करारी हार के बाद अब प्रदेश कांग्रेस में भी पदाधिकारियों की छटनी किए जाने की तैयारी की जा रही है। प्रदेश कांग्रेस में वर्ष 2018 से लेकर अब तक हजारों नेताओं को पद बांट दिए गए थे। इनमें से अधिकांशों ने इस उपचुनाव में काम ही नहीं किया, नतीजे में अब इतने पद दिए जाने का पार्टी के अंदर ही विरोध हो रहा है।

सूत्रों की मानी जाए तो पीसीसी चीफ कमलनाथ के पास यह शिकायत पहुंची है कि पीसीसी ने हजारों पदाधिकारी बनाए, लेकिन उपचुनाव में इनमें से अधिकांश पदाधिकारी सक्रिय ही नहीं रहे। ऐसे लोगों को पद से हटाने का पीसीसी चीफ पर दबाव बनना शुरू हो गया है। पार्टी के अंदर इस मामले में विरोध बढ़ता देख कमलनाथ ने प्रदेश कांग्रेस के सभी पदाधिकारियों की सूची मांगी है। उपचुनाव की समीक्षा रिपोर्ट में इन पदाधिकारियों के काम-काज को देखा जाएगा। ऐसे पदाधिकारी जिन्हें जिम्मदारी दी गई इसके बाद भी वे सक्रिय नहीं रहे ऐसे नेताओं की पीसीसी से छुट्टी अब तय मानी जा रही है। वहीं ऐसे भी पदाधिकारियों की छुट्टी होगी, जो उपचुनाव में किसी भी क्षेत्र में सक्रिय नहीं रहे।

वर्ष 2018 में हुए चुनाव से पहले कमलनाथ ने दिग्विजय सिंह, ज्योतिरादित्य सिंधिया सहित अन्य नेताओं की सिफारिश पर उनके कई समर्थकों को पद दे दिए थे। नेताओं की सिफारिश पर पीसीसी में हजारों की संख्या में उपाध्यक्ष, महामंत्री और सचिव के पद दिए गए थे। वहीं प्रवक्ताओं की भी संख्या दो सौ पार हो गई थी। इसके बाद उपचुनाव के दौरान भी सैंकड़ों नेताओं को पद दे दिए। हालांकि इस दौरान सिंधिया के करीबी कुछ पदाधिकारियों को पार्टी से निकाला गया, लेकिन जितने निकाले गए उससे ज्यादा उपचुनाव जीतने की आस में कांग्रेस ने पद बांट दिए।

उपचुनाव में कांग्रेस के उम्मीदवारों की मिली हार के बार प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ अब भितरघातियों को लेकर सख्त होने जा रहे हैं। इसके लिए प्रदेश कांग्रेस ने हारे हुए उम्मीदवारों से ऐसे लोगों के नाम मांग लिए हैं, जिन्होंने पार्टी में रहकर भितरघात किया।  उपचुनाव में कांग्रेस को उम्मीद के मुताबिक परिणाम नहीं आने को लेकर भितरघातियों की अहम भूमिका मानी जा रही है। पार्टी में भितरघात करने वालों को भविष्य में संदेश देने के लिए प्रदेश कांग्रेस सख्त एक्शन ले सकती है। इसके चलते कमलनाथ ने सभी उम्मीदवारों को कहा है कि उनके चुनाव में जिन-जिन नेताओं ने भितरघात किया। उनकी सूची उन्हें दी जाए। इसके बाद अब उम्मीदवार यह सूची बनाने में जुटने जा रहे हैं।

अनूपपुर से भाजपा उम्मीदवार बिसाहूलाल सिंह ने जीत के बाद मीडिया से चर्चा करते हुए कहा था कि उनकी जीत में जिला कांग्रेस के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं का भी सहयोग मिला। उनकी इस बात से यह साफ हो गया था कि कांग्रेस में रहते हुए यहां पर कई पदाधिकारियों, नेताओं और कार्यकर्ताओं ने उनके पक्ष में काम भी किया। ऐसी लगभग हर सीट से पीसीसी के पास शिकायत पहुंच रही है। अब इन शिकायतों पर पार्टी गंभीर होगी और संगठन को मजबूत करने के लिए भितरघात करने वालों को जल्द ही स्पष्टीकरण मांगा जा सकता है।

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