मध्य प्रदेशराज्य

NMC से डीएमई को मिली मंजूरी, अब 250 सीटों पर प्रवेश

भोपाल
कोरोना संकट के बीच राजधानी को बड़ी सौगात मिली है। गांधी मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस की 70 सीटें बढ़ गर्इं हैं। नेशनल मेडिकल कमीशन (एनएमसी) की ओर से इसकी मंजूरी का आदेश भी डीएमई को मिल गया है। अगले सत्र 2021 से अब 250 सीटों पर प्रवेश मिल सकेगा। अब तक जीएमसी में ईडब्ल्यूएस कोटे की 30 सीटों को मिलाकर कुल 180 सीटें थीं। सीटें बढ़ाने की कवायद लंबे समय से चल रही थी। चिकित्सा क्षेत्र के छात्रों के लिए ये बड़ी सौगात है।

कोरोना संक्रमण और लॉकडाउन के चलते मेडिकल कॉलेज और 2 हजार बिस्तरों का निर्माण काम पिछड़ गया। वहीं एनएमसी का निरीक्षण भी संभव नहीं था, ऐसे में आशंका जताई जा रही थी इस सत्र में कॉलेज की एमबीबीएस की सीटें नहीं बढ़ पाएंगी, लेकिन पिछले महीने एनएमसी ने आॅनलाइन निरीक्षण कर कॉलेज की तैयारियों का जायजा लिया। एनएमसी की टीम ने कॉलेज की तैयारियों पर संतोष जताया था और अब सीटें बढ़ाने की मंजूरी मिल गई हैं।

सरकारी मेडिकल कॉलेजों में एमबीबीएस की सीटें बढ़ाने के लिए 60 फीसदी राशि केन्द्र से मिल रही है। 40 फीसदी राशि राज्य सरकार को मिलानी है। एक सीट बढ़ाने का खर्च करीब 1.2 करोड़ रुपए आ रहा है। कई राज्यों में सीटें बढ़ चुकी हैं। मप्र में पहले तो 250 सीटें के लिहाज से कमियां पता करने में समय लगा। इसके बाद भारत सरकार से एमओयू करने में भी प्रदेश सरकार की तरफ से देरी की गई।

अस्पताल में कोरोना से निपटने के लिए जो तैयारियां की गई थीं वे ही 250 सीटों की मान्यता दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी। कोरोना मरीजों के लिए बनाए गए अतिरिक्त वार्ड, एक अस्पताल और स्टॉफ ही नए सत्र में कॉलेज में काम आएगा।

कोरोना काल में ये व्यवस्थाएं हुर्इं दुरुस्त

  • कोरोना संकट के दौरान 540 नए बिस्तर बढ़ाए गए
  • कोरोना के लिए नई नियुक्तियां हुर्इं, नियमों के मुताबिक 10 फीसदी कमी मान्य हैं
  • टीबी एंड चेस्ट इंस्टीट्यूट शुरू 180 बिस्तरों की क्षमता
  • 300 सीटों के दो आॅडीटोरियम लगभग तैयार, फिनिशिंग बाकी

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