मध्य प्रदेशराज्य

EC ने इमरती देवी को दिया नोटिस, 48 घंटे में देना होगा जवाब

भोपाल
 मध्‍य प्रदेश में 28 विधानसभा सीटों पर हो रहे उपचुनाव को लेकर भाजपा और कांग्रेस के तमाम नेता आदर्श आचार संहिता का जमकर उल्लंघन कर रहे हैं. इस बीच, भारतीय चुनाव आयोग (Election Commission of India) ने आदर्श आचार संहिता के उल्लंघन के लिए भाजपा नेता इमरती देवी (Imarti Devi) को नोटिस जारी किया है. शिवराज सरकार में मंत्री इमरती देवी को आयोग ने नोटिस देकर 48 घंटे के अंदर जवाब देने को कहा है.

'पागल' कहने पर मिला नोटिस
ईसी ने मध्य प्रदेश में उपचुनाव लड़ रहीं भाजपा नेता इमरती देवी को अनाम राजनीतिक प्रतिद्वंद्वी को ‘पागल’ बताने और उनके परिवार की महिलाओं के खिलाफ टिप्पणी को लेकर मंगलवार को नोटिस जारी किया है. इमरती देवी को नोटिस का जवाब देने के लिए 48 घंटे का समय दिया गया है. ऐसा नहीं होने पर निर्वाचन आयोग आगे की कार्रवाई का फैसला करेगा. मध्य प्रदेश सरकार में मंत्री इमरती देवी ने सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो में राजनीतिक प्रतिद्वंद्वी का नाम नहीं लिया. आयोग ने नेता की पहचान से मना करते हुए कहा कि उसे नहीं पता इमरती देवी किनका हवाला दे रही थीं. निर्वाचन आयोग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि पहले उन्हें नोटिस का जवाब देने दीजिए. हमारे पास वीडियो का विवरण है.

वीडियो के विवरण के मुताबिक इमरती देवी ने कहा कि मध्यप्रदेश में मुख्यमंत्री का पद जाने के बाद वह पागल हो गए हैं. साथ ही यह भी कहा था कि उसकी मां और बहन बंगाल की ‘आइटम’ होंगी तो हमें ये पता थोड़े है. नोटिस में कहा गया कि उनके बयान को आचार संहिता के प्रावधानों का उल्लंघन माना गया है. आयोग ने एक प्रावधान का भी संदर्भ दिया है जिसमें कहा गया है कि राजनीतिक दल और उम्मीदवार महिलाओं की गरिमा को चोट पहुंचाने वाले किसी बयान, कृत्य से परहेज करेंगे.

 

कैलाश विजयवर्गीय और कमलनाथ को भी मिल चुका है नोटिस
इससे पहले भारतीय चुनाव आयोग भाजपा के राष्‍ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय और मध्‍य प्रदेश के पूर्व सीएम कमलनाथ को भी नोटिस जारी कर चुका है. कैलाश विजयवर्गीय (Kailash Vijayvargiya) से पूर्व सीएम कमलनाथ और राज्‍यसभा सांसद दिग्‍विजय सिंह को एक चुनावी सभा के दौरान 'चुन्‍नू-मुन्‍नू' कहने पर भारतीय चुनाव आयोग ने जवाब मांगा है. नोटिस के अनुसार इंदौर के सांवेर में 14 अक्टूबर को एक चुनावी सभा में दोनों कांग्रेस नेताओं के खिलाफ दिया गया बयान आचार संहिता के प्रावधानों का उल्लंघन करने वाला पाया गया है. नोटिस मध्य प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी से प्राप्त रिपोर्ट पर आधारित है. नोटिस में कहा गया कि आयोग आपको उक्त कथित बयान पर नोटिस प्राप्त होने के 48 घंटे के भीतर आपका रुख स्पष्ट करने के लिए अवसर प्रदान करता है. ऐसा नहीं होने पर भारतीय चुनाव आयोग आगे आपको कोई सूचना दिये बिना निर्णय लेगा.

भारतीय चुनाव आयोग (Election Commission of India) मध्‍य प्रदेश के पूर्व सीएम कमलनाथ से भी आइटम बयान के लिए नोटिस जारी कर जवाब मांग चुका है. कमलनाथ ने ग्वालियर के डबरा में हुई एक चुनावी सभा के दौरान ज्योतिरादित्य सिंधिया की समर्थक मंत्री इमरती देवी को लेकर बयान दिया था. कमलनाथ ने डबरा से बीजेपी की उम्मीदवार इमरती देवी को तंज भरे लहजे में 'आइटम' कहकर संबोधित किया था. कमलनाथ ने मंच से अपने भाषण में कहा था, 'सुरेंद्र राजेश हमारे उम्मीदवार हैं, सरल स्वभाव के सीधे-साधे हैं. यह उसके जैसे नहीं है, क्या है उसका नाम? मैं क्या उसका नाम लूं आप तो उसको मुझसे ज्यादा अच्छे से जानते हैं, आपको तो मुझे पहले ही सावधान कर देना चाहिए था, 'यह क्या आइटम है.'

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