उत्तर प्रदेशराज्य

CBI टीम पहुंची संदीप, रामू और रवि के घर, मोबाइल फोन के बारे में की पूछताछ

 हाथरस 
हाथरस के गांव बूलगढ़ी में कथित गैंगरेप के बाद मौत के मामले की जांच में सीबीआई शनिवार को एक बार फिर तीन आरोपियों के संयुक्त आवास पर पहुंची। यहां करीब तीन घंटे तक पूछताछ की। एक थ्रेसर संचालक से भी पूछताछ की गई। सीबीआई को जांच को 19 दिन हो चुके हैं। शनिवार को दोपहर करीब डेढ़ बजे दो टीम गांव पहुंची। दोनों ही टीमें संदीप, रामू व रवि के घर पहुंची। टीम के तीन सदस्यों ने मुख्य आरोपी संदीप के घर के एक नवयुवक से बात की। पहली मंजिल पर इस युवक को लेकर टीम चली गई। यहां काफी देर पूछताछ होती रही। दूसरी टीम में एक महिला अधिकारी भी थीं। इन्होंने इस परिवार की एक महिला से परिवार के पुरुषों के बारे में जानकारी की। कुछ देर बाद परिवार के दो पुरुष सदस्य घर पहुंच गए। इनसे बातचीत कर कुछ देर बाद तीन सदस्यों वाली यह टीम लौट गई। बताया जाता है मुख्य आरोपी संदीप से फोन पर हुई किसी बातचीत के बारे में सीबीआई टीम ने जानकारी ली है।

पीड़ित परिवार की सुरक्षा बरकरार, परिवार संतुष्ट 
चंदपा कोतवाली क्षेत्र के गांव बूलगढ़ी में पीड़ित परिवार की सुरक्षा में पुलिस मुस्तैद है। निजी सुरक्षाकर्मियों सहित घर के पास सुरक्षा का घेरा है। अधिकारी लगातार सुरक्षा की समीक्षा कर रहे हैं। वहीं पीड़ित परिवार को सांत्वना देने अभी भी रिश्तेदार पहुंच रहे हैं। शुक्रवार को पीड़िता की बुआ के घर से कई लोग गांव पहुंचे। दिन भर इन लोगों ने पीड़ित परिवार से मुलाकात की। उनका दर्द बांटा। इधर, पीड़ित परिवार अपनी सामान्य जिंदगी में लौटने की कोशिश कर रहा है। खेत में सिंचाई के अभाव में सूखे बाजरा को परिवारवाले घर ले आए। पीड़िता के भाई ने बताया कि यह बाजरा पशुओं के ही काम आएगा, वह बेचेंगे नहीं। अब खेत में आलू नहीं करेंगे। गेहूं की बुवाई के लिए खेत को तैयार कराने की बात कही। खेत में पड़ी करब को भी परिवार ने शुक्रवार की सुबह पुलिस की कड़ी सुरक्षा के बीच उठाकर घर पहुंचाया। चंदपा कोतवाली इंचार्ज लक्ष्मण सिंह मौजूद रहे। परिवारवालों के लिए निजी सुरक्षागार्ड की भांति पुलिसकर्मियों की तैनाती सरकार ने की है। ये हर वक्त परिवारीजनों के साथ रहते हैं। परिवारीजन भी सहयोग कर रहे हैं। घर से बाहर निकलकर गली में आने के बारे में भी सुरक्षाकर्मियों को सूचना देते हैं। सीओ सादाबाद लगातार परिवार को प्रदान की गई सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा करते हैं। औचक मुआयना कर पुलिसकर्मियों की हाजिरी चेक कर लेते हैं। सुबह करीब साढ़े 11 बजे सीओ गांव में पहुंचे। पीड़िता के घर व आसपास सुरक्षाकर्मियों से बात की। यहां रखे रजिस्टर को देखा। 

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