‘द वन’ का रहस्यमयी मंदिर असल में बिहार का वन देवी मंदिर, 400 साल पुरानी हैं मान्यताएं

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    bplnews24:

    सिद्धार्थ मल्होत्रा और तमन्ना भाटिया की फिल्म ‘द वन: फोर्स ऑफ द फॉरेस्ट’ का ट्रेलर रिलीज होते ही दर्शकों के बीच एक्साइटमेंट बढ़ गई है. घने जंगल, रहस्यमयी शक्तियां और एक ऐसा मंदिर, जहां सूर्यास्त के बाद जाने की मनाही है. ट्रेलर के इन दृश्यों ने फिल्म की कहानी को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए. अब मेकर्स ने साफ किया है कि फिल्म में दिखाया गया मंदिर बिहार के पटना जिले के बिहटा के पास स्थित प्रसिद्ध वन देवी मंदिर से प्रेरित है.

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    बिहटा के आनंदपुर इलाके में स्थित मां वन देवी मंदिर को करीब 350 से 400 साल पुराना माना जाता है. ये मंदिर घने जंगलों और ग्रामीण परिवेश के बीच स्थित है. स्थानीय लोगों के बीच इस मंदिर को लेकर कई लोककथाएं और मान्यताएं प्रचलित हैं. कुछ लोगों का मानना है कि पुराने समय में यह पूरा क्षेत्र घने वन से घिरा हुआ था, इसलिए यहां विराजमान देवी को ‘वन देवी’ कहा जाने लगा.

    एक लोककथा के अनुसार, किसी साधक को सपने में देवी के दर्शन हुए थे. देवी के निर्देश पर जब उस स्थान की खुदाई की गई, तो वहां से देवी की प्रतिमा या पवित्र निशान मिलने की बात कही जाती है. इसके बाद ग्रामीणों ने मिलकर मंदिर का निर्माण कराया. हालांकि इन कथाओं का कोई आधिकारिक ऐतिहासिक प्रमाण नहीं है, लेकिन स्थानीय आस्था में इनका खास महत्व है.

    'वन देवी' मंदिर से जुड़ी सबसे रहस्यमयी मान्यता सूर्यास्त के बाद मंदिर परिसर में प्रवेश को लेकर है. कहा जाता है कि शाम होते ही मंदिर के कपाट बंद कर दिए जाते हैं और पुजारी भी वहां से चले जाते हैं. रात के समय मंदिर और आसपास के जंगल में किसी को रुकने की अनुमति नहीं होती. स्थानीय लोग मानते हैं कि सूर्यास्त के बाद वन देवी जंगल में विचरण करती हैं. यही लोकविश्वास ‘द वन’ की कहानी का सबसे अहम आधार बना है.

    फिल्म में सिद्धार्थ मल्होत्रा का किरदार इस प्रतिबंधित इलाके में प्रवेश करता दिखाई देता है. इसके बाद शुरू होता है रहस्य, डर और अलौकिक शक्तियों से सामना. हालांकि फिल्म लोककथा से प्रेरित है, लेकिन इसकी कहानी को सिनेमाई रूप दिया गया है.

    मेकर्स ने ग्रामीणों से की बातचीत
    फिल्म के निर्माता अरुणाभ कुमार ने बताया कि उन्हें इस कहानी का विचार पटना के पास स्थित वन देवी मंदिर जाने के बाद आया. उन्होंने स्थानीय लोगों, पुजारियों और ग्रामीणों से मंदिर की परंपराओं और उससे जुड़ी पुरानी कहानियों के बारे में बातचीत की. निर्देशक दीपक मिश्रा ने इस लोकविश्वास को एक बड़े सिनेमाई अनुभव में बदलने के लिए स्पेशल इफेक्ट्स और आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल किया है. ये भी कहा जा रहा है कि द वन का ट्रेलर रिलीज होने के बाद वन देवी मंदिर को लेकर चर्चा तेज हो गई है. अब पहले से ज्यादा श्रद्धालु मंदिर में दर्शन के लिए जाने लगे हैं.

    इस तरह ‘द वन’ केवल एक हॉरर या फैंटेसी फिल्म नहीं, बल्कि भारतीय लोककथाओं, आस्था और जंगल से जुड़े रहस्यों को बड़े पर्दे पर पेश करने की कोशिश है. फिल्म 25 सितंबर को रिलीज होने वाली है. बता दें कि फिल्म में ना सिर्फ  वन देवी मंदिर की कहानी देखने को मिलेगी, बल्कि पर्दे पर पहली बार महापर्व छठ को भी दिखाया जाएगा.

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