नयी दिल्ली
रक्षा मंत्रालय के अधीन सैन्य अभियंता सेवा में अजय कुमार जैन, आई.डी.एस.ई. को सैन्य अभियंता सेवा का महानिदेशक कार्मिक नियुक्त किया गया है। अजय कुमार जैन भारतीय रक्षा अभियंता सेवा (आई.डी.एस.ई.) कैडर के 1987 बैच के अधिकारी हैं और उन्होंने 1 जुलाई 2026 से प्रमुख अभियंता शाखा (ई -इन-सी ब्रांच) में यह पदभार ग्रहण किया। आपको बता दें कि मिलिट्री इंजीनियर सर्विसेज रक्षा मंत्रालय के अंतर्गत निर्माण कार्यों को क्रियान्वित करती है।
अजय कुमार जैन ने 37 वर्षों से अधिक के अपने शानदार कैरियर में सैन्य अभियंता सेवा में कई महत्वपूर्ण पदों पर काम किया है। महानिदेशक कार्मिक का पदभार ग्रहण करने से पहले उन्होंने अतिरिक्त महानिदेशक (प्रोजेक्ट्स) चेन्नई, मुख्य अभियंता दिल्ली अंचल, मुख्य अभियंता अनुसंधान एवं विकास दिल्ली, निदेशक (सी एंड एम) प्रमुख अभियंता शाखा, कमांडर वर्क्स इंजीनियर (वायुसेना) लेह, कमांडर वर्क्स इंजीनियर (प्रोजेक्ट) दिल्ली कैंट, गैरिजन इंजीनियर (प्रोजेक्ट) (वायुसेना) ग्वालियर तथा गैरिजन इंजीनियर (वायुसेना) बीदर जैसे महत्वपूर्ण पदों की जिम्मेदारी संभाली है, इसके अतिरिक्त विभिन्न शांति स्टेशनों पर भी सेवाएं दी हैं। अतिरिक्त महानिदेशक (प्रोजेक्ट्स), चेन्नई के रूप में अपने संक्षिप्त कार्यकाल में ही उन्होंने समस्त बुनियादी ढांचा विकास कार्यों की कमान संभालते हुए कार्यों की प्रगति में तेजी लाई तथा बजट मांग में भी सुधार किया।
मुख्य अभियंता दिल्ली अंचल के रूप में अपने कार्यकाल के दौरान अजय कुमार जैन ने दिल्ली छावनी में निर्माणाधीन थल सेना भवन, जो कि थल सेना मुख्यालय की नई एवं भव्य इमारत है, के कार्यों को गति दी। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने फरवरी 2020 में इस परियोजना का शिलान्यास किया था। लगभग 39-40 एकड़ क्षेत्र में फैले तथा करीब 1,43,450 वर्ग मीटर निर्मित क्षेत्रफल वाले इस जी +7 भवन का लगभग 833 करोड़ रुपये का ईपीसी अनुबंध फरवरी 2023 में आईटीडी सीमेंटेशन को दिया गया था। इसमें कार्यालय परिसर, सिंगल मेन आवास, चिकित्सा सुविधा, जिम, सीएसडी, ईएमपी-सुरक्षित यूजी ऑप्स रूम तथा इंजीनियरिंग सर्विसेज ज़ोन जैसी सुविधाएं शामिल हैं, और यह सेंट्रल विस्टा पुनर्विकास परियोजना का पूरक है, जिसकी अभिकल्पना में थल सेना के प्रतीक चिन्ह (क्रॉस्ड स्वॉर्ड्स, लायन कैपिटल) तथा अशोक चक्र से सुसज्जित 'धर्म छत्रछाया' सेतु को दर्शाया गया है। उनके नेतृत्व में इस बहुप्रतीक्षित परियोजना के समस्त संरचनात्मक कार्य पूर्ण हुए तथा फिनिशिंग चरण के कार्यों में भी उल्लेखनीय प्रगति हासिल की गई, जो कि उनकी योजना क्षमता एवं क्रियान्वयन दक्षता का प्रमाण है।
अजय कुमार जैन ने भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान रुड़की से सिविल इंजीनियरिंग में स्नातक (बी.ई.) की उपाधि प्राप्त की है तथा भारतीय सैन्य अभियांत्रिकी महाविद्यालय (सी.एम.ई.) पुणे से स्ट्रक्चर्स विषय में एम.टेक की डिग्री हासिल की है। तत्पश्चात, संघ लोक सेवा आयोग द्वारा संचालित प्रतिष्ठित भारतीय अभियंता सेवा (आई.ई.एस.) परीक्षा के माध्यम से उनका चयन सैन्य अभियंता सेवा (मिलिट्री इंजीनियर सर्विसेज) में हुआ। अपनी 37 वर्षों की विशिष्ट सेवा के दौरान श्री जैन ने बहुमंजिला इमारतों, जेट्टी, रनवे तथा अन्य तकनीकी संरचनाओं जैसी विविध परियोजनाओं की योजना, संरचनात्मक अभिकल्पन एवं क्रियान्वयन में गहरी विशेषज्ञता हासिल की है, तथा रक्षा
सेनाओं की सेवा में अपना अटूट समर्पण दिखाया है।
महानिदेशक कार्मिक का पदभार ग्रहण करने के उपरांत उनका ध्यान मुख्यतः कैडर प्रबंधन एवं पोस्टिंग नीति में सुधार पर है, ताकि अधिक पारदर्शिता सुनिश्चित हो सके, स्थानांतरण एवं पोस्टिंग में संतुष्टि बनी रहे, समयबद्ध ढंग से पदोन्नति समितियां (डी.पी.सी.) आयोजित हों, पोस्टिंग प्रक्रिया में स्वचालन (ऑटोमेशन) लाया जा सके तथा मिलिट्री इंजीनियर सर्विसेज के अंतर्गत सभी रक्षा सिविल कैडरों एवं अधीनस्थ कर्मचारियों की कैडर समीक्षा की जा सके।










