KBC विनर हर्षवर्धन नवाथे: करोड़पति बनने से CEO तक का सफर

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    हर्षवर्धन नवाथे ने 2000 में "कौन बनेगा करोड़पति" का पहला सीजन जीतकर 1 करोड़ रुपये जीते थे, जिसके बाद वो पूरे भारत में लोगों के बीच फेमस हो गए. दो दशकों से भी ज्यादा समय बाद नवाथे ने कॉर्पोरेट और सामाजिक विकास क्षेत्रों में एक प्रभावशाली करियर बना लिया है. आइए जानते हैं कि अमिताभ बच्चन का शो उनके जीवन को कैसे बदल गया और आज वो क्या कर रहे हैं.

    KBC फेम से कॉरपोरेट लीडरशिप तक
    नवाथे JSW के साथ काम कर रहे हैं. दिसंबर 2025 में उन्हें JSW फाउंडेशन का CEO नियुक्त किया गया था. बतौर CEO वो फाउंडेशन की रणनीतिक दिशा और भारत में इसकी सामाजिक प्रभाव वाली पहलों की निगरानी करते हैं.

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    CEO बनने से पहले वो मई 2023 से संगठन के चीफ ऑपरेटिंग ऑफिसर (COO) के रूप में काम कर रहे थे. नवाथे ने डेवलपमेंट व सतत प्रोग्राम को आगे बढ़ाने में मदद की.

    उनकी LinkedIn प्रोफ्राइल में लिखा है, मैं सामाजिक और विकास के क्षेत्र का एक अनुभवी पेशेवर हूं. मैंने कॉरपोरेट, सोशल बिजनेस और नॉन-प्रॉफिट क्षेत्रों में महत्वपूर्ण पदों पर काम किया है और बड़े प्रोजेक्ट्स को मैनेज किया है. JSW फाउंडेशन से जुड़ने से पहले नवाथे NatWest Group में डायरेक्टर और हेड ऑफ सस्टेनेबल बैंकिंग परफार्मेंस, फ्रेमवर्क्स, गिविंग और गवर्नन्स के रूप में काम कर चुके हैं. वो पहले Welspun Group के साथ भी जुड़े रहे, जहां उन्होंने वेल्स्पन ग्रुप CSR के वाइस प्रेसिडेंट और Welspun Foundation के COO के रूप में कार्य किया.

    KBC ने उनका जीवन कैसे बदला
    2024 में नवाथे एक स्पेशल एपिसोड के लिए फिर से KBC पर लौटे और उन्होंने बताया कि क्विज शो उनके जीवन को कैसे बदल गयाय

    2021 में हिंदुस्तान टाइम्स को दिए इंटरव्यू में अपने KBC के बाद के सफर के बारे में नवाथे ने कहा था, शो के बाद मुझे पहचान और आर्थिक सुरक्षा मिली. जाहिर है लोकप्रियता लोगों की नजरें बदल देती है. लोगों से मिलना और अलग-अलग मंचों पर पहचाने जाना शानदार रहा है.

    उन्होंने कहा कि किसी भी इंसान के सफल होने के लिए ये साफ होना चाहिए कि वो जिंदगी में किस दिशा में जाना चाहता है. शुरुआती कुछ महीनों में मैंने रॉकस्टार की तरह जिंदगी जिए. मेरे बिल्डिंग कॉम्प्लेक्स में लोग ऑटोग्राफ लेने के लिए इंतजार करते थे. कहीं आसानी से घूमना-मचलना मुश्किल हो जाता था और मुझे सुरक्षा की जरूरत पड़ती थी. इसलिए काफी लंबे समय तक मुझे पुलिस सुरक्षा भी मिली.
     

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