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बंगाल में 8 हजार पोलिंग बूथ को चुनाव आयोग ने माना सुपर सेंसेटिव, 135 दबंगों को पकड़ा

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कलकत्ता

पश्चिम बंगाल में दो चरणों में मतदान होना है। 23 अप्रैल को पहले राउंड की वोटिंग होने जा रही है और 29 को दूसरे चरण में मतदान होगा। उससे पहले कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए चुनाव आयोग पूरी तरह सख्त है। इस बीच बंगाल के कुल 8000 पोलिंग बूथ को आयोग ने सुपर सेंसेटिव घोषित किया है। ये उन इलाकों के ही बूथ हैं, जहां पहले चरण में ही मतदान होना है। इसका अर्थ है कि यहां हिंसा, बूथ कैप्चरिंग जैसी घटनाओं को अंजाम दिया जा सकता है। चुनाव आयोग ने इस बीच 135 ऐसे लोगों को पकड़ा है, जो दबंग प्रवृत्ति के माने जाते हैं और उनका अराजकता फैलाने का इतिहास रहा है। चुनाव संपन्न होने तक इन लोगों को हिरासत में रखा जाएगा।

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पुलिस ने जिन 135 लोगों को उठाया है, उनमें से ज्यादातर मुर्शिदाबाद, मालदा, बलूरघाट, उत्तर और दक्षिण 24 परगना के रहने वाले हैं। दरअसल पहले के चुनावों में भी ऐसे करीब 200 स्थान हैं, जहां पहले हिंसा होती रही है। ऐसे में चुनाव ने इन इलाकों से जुड़े पोलिंग बूथ को सुपर सेंसेटिव की कैटिगरी में डाला है। फिलहाल चुनाव आयोग के निर्देश पर इन सभी इलाकों में डीएम और एसपी भी दौरे कर रहे हैं ताकि किसी भी तरह की अप्रिय घटना की आशंका को टाला जा सके। इसके अलावा जनता के बीच साफ-सुथरे चुनाव होने और डर से परे रहने का भरोसा जगाया जा सके।

प्रशासन का कहना है कि कई दबंगों ने तो एक नोटिस मिलते ही खुद सरेंडर कर दिया। कुछ लोगों को पकड़ना पड़ा है। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने एक बार फिर से कहा है कि हम बंगाल में भयमुक्त और अपराध मुक्त चुनाव कराएंगे। उनका कहना है कि इसके लिए हरसंभव तैयारी हमने की है। इस चुनाव में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का भी चुनाव आयोग खूब सहारा ले रहा है।

चुनाव में सुरक्षा के लिए AI का इस्तेमाल, गड़बड़ी पर करेगा अलर्ट
बूथ के अंदर या फिर बाहर किसी तरह की गड़बड़ी होने पर यह सिस्टम तुरंत अलर्ट करेगा। इसके अलावा एक एआई से लैस कंट्रोल कमांड सेंटर भी बनाया जा रहा है। इसके अलावा जिला निर्वाचन अधिकारी और राज्य निर्वाचन अधिकारी के दफ्तरों में भी कंट्रोल सेंटर होंगे। यहां से संबंधित जिलों की निगरानी की जाएगी। कुल मिलाकर निगरानी के लिए थ्री-टियर सिस्टम स्थापित किया जाएगा। बता दें कि चुनाव आयोग ने प्रदेश की कुल 55 विधानसभाओं को भी खर्च के लिहाज से संवेदनशील माना है। इन सीटों में ममता बनर्जी की भबानीपुर विधानसभा भी शामिल है। यहां से उन्हें भाजपा के सीनियर नेता शुभेंदु अधिकारी चुनौती दे रहे हैं।

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