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घर में कलह का कारण बनते हैं ये वास्तु दोष, ऐसे करें समाधान

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 परिवार का मतलब होता है प्यार, समझदारी और एक-दूसरे के साथ तालमेल लेकिन अगर किसी घर में बिना किसी विशेष कारण के बार-बार लड़ाई-झगड़े होने लगें, रिश्तों में तनाव आने लगे और घर का वातावरण नकारात्मकता से भर जाए तो इसकी एक संभावित वजह वास्तु दोष भी हो सकती है। वास्तु शास्त्र एक प्राचीन भारतीय विज्ञान है, जो घर में ऊर्जा का संतुलन बनाए रखने में मदद करता है। जब इस संतुलन में बाधा आती है, तो उसका प्रभाव परिवार के स्वास्थ्य, मानसिक स्थिति और आपसी संबंधों पर पड़ सकता है। आइए जानते हैं ऐसे मुख्य वास्तु दोष जिनकी वजह से घर में कलह, तनाव और झगड़े हो सकते हैं:

मुख्य द्वार का दोष
वास्तु शास्त्र के अनुसार, मुख्य द्वार यानी प्रवेश द्वार को घर की नासिका माना गया है, जहां से ऊर्जा घर में प्रवेश करती है। अगर मुख्य द्वार पर रुकावटें हैं, जैसे टूटा हुआ दरवाजा, जंग लगे कुंडे, गंदगी या अंधेरा, तो नकारात्मक ऊर्जा घर में प्रवेश करती है।

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रसोईघर और शौचालय की स्थिति
अगर रसोईघर और शौचालय एक-दूसरे के सामने या बगल में बने हों, तो यह एक गंभीर वास्तु दोष है। यह न केवल स्वास्थ्य बल्कि मानसिक शांति और रिश्तों पर भी असर डालता है।

तुलसी का अभाव
तुलसी का पौधा वास्तु में अत्यंत शुभ माना गया है। यह नकारात्मक ऊर्जा को समाप्त करता है और वातावरण को शुद्ध करता है। जिन घरों में तुलसी नहीं होती या उसकी उचित देखभाल नहीं की जाती, वहां कलह का वातावरण बन सकता है।

दक्षिण-पश्चिम में पानी का स्रोत
दक्षिण-पश्चिम दिशा को घर की स्थिरता और नियंत्रण की दिशा माना जाता है। यदि इस दिशा में पानी की टंकी, फव्वारा, या कोई जल स्रोत है, तो परिवार के सदस्यों के बीच मतभेद और तनाव बढ़ सकते हैं।

शीशे और कांच का गलत उपयोग
शीशा अगर गलत दिशा में लगा हो या टूटा हुआ हो, तो यह घर में भ्रम, ग़लतफ़हमी और मानसिक अस्थिरता ला सकता है। ये सारे तत्व झगड़ों को बढ़ावा दे सकते हैं।

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