विदेश

अमेरिका का पाकिस्‍तान प्रेम फिर क्‍यों जाग रहा, PoK को लेकर दिया अपत्तिजनक बयान; भारत ने दिखाया आईना

नई दिल्‍ली
अमेरिका (US) एक बार फिर पाकिस्‍तान(Pakistn) के 'करीब' आता नजर आ रहा है। हाल ही में पाकिस्‍तान में अमेरिकी राजदूत डोनाल्‍ड ब्‍लोम ने गुलाम कश्‍मीर को लेकर विवादित बयान दिया। इससे पहले पाकिस्‍तान को लड़ाकू विमान एफ-16 के रखरखाव के नाम पर मदद देने की अमेरिकी रणनीति पर सवाल उठना लाजिमी है। जो बाइडन के राष्‍ट्रपति बनने के बाद पाकिस्‍तान को लेकर अमेरिका के नजरिए में ये 360 डिग्री का बदलाव किसी बड़ी रणनीति का हिस्‍सा प्रतीत होता है!

ट्रंप प्रशासन में बेहद बिगड़े अमेरिका-पाकिस्‍तान के रिश्‍ते
अगर हम कहें कि डोनाल्‍ड ट्रंप के शासन काल में पाकिस्‍तान और अमेरिका के रिश्‍ते बेहद खराब दौर से गुजरे, तो इसमें कोई दो राय नहीं होगी। डोनाल्‍ड ट्रंप ने अमेरिका को दी जाने वाले लाखों डॉलर की मदद पर रोक लगा दी थी। साथ ही कड़े शब्‍दों में कहा था कि पाकिस्‍तान, आतंकवादियों की पनाहगाह बन चुका है। पाकिस्‍तान जब तक आतंकवाद के खिलाफ ईमानदारी से नहीं लड़ता है, तब तक उसे अमेरिका की ओर से कोई मदद नहीं दी जाएगी। ऐसे में पाकिस्‍तान का भी चीन के प्रति झुकाव बढ़ गया था। हालांकि, जो बाइडन के सत्‍ता में आते ही अमेरिका के ख्‍यालात पाकिस्‍तान को लेकर बदले-बदले नजर आ रहे हैं।

अमेरिकी राजदूत का PoK दौरा और विवादित बयान…!
पाकिस्तान में अमेरिकी राजदूत डोनाल्ड ब्लोम ने इस सप्ताह गुलाम कश्‍मीर की यात्रा की थी। उन्होंने इस पूरे क्षेत्र को लेकर विवादित बयान दिया था। पूरा कश्मीर भारत का अभिन्न हिस्सा है, इसमें कोई दो राय नहीं है। लेकिन अमेरिकी दूत शायद इस बात को भूल गए या फिर किसी रणनीति के तहत उन्‍होंने ऐसा कहा ये बड़ा सवाल है? हालांकि, इससे पहले अमेरिका की ओर से ऐसा बयान शायद ही कभी सुनने को मिला था।

नया नहीं है डेमोक्रेटिक पार्टी का 'पाक प्रेम'
राष्‍ट्रपति जो बाइडन डेमोक्रेटिक पार्टी से आते हैं। इतिहास इस बात का गवाह है कि पाकिस्‍तान के प्रति डेमोक्रेटिक पार्टी का रुख हमेशा से नर्म रहा है। वहीं, पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की रिपब्लिकन पार्टी से थे। रिपब्लिकन पार्टी के निशाने पर हमेशा पाकिस्‍तान रहा है। इसलिए जब-जब अमेरिका में रिपब्लिकन पार्टी की सरकार रही, भारत के साथ उसके मधुर संबंध रहे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और डोनाल्‍ड ट्रंप के बीच रहे दोस्‍ताना संबंध इसके गवाह रहे हैं।

भारत ने दिखाया अमेरिका को आईना
अमेरिका कह रहा है कि वह आतंकवाद के खिलाफ लड़ रहा है। पाकिस्‍तान का साथ भी वह आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई को आगे बढ़ाने के लिए दे रहा है। अमेरिका के इस दोहरे रवैये से भारत ने हाल ही में पर्दा हटाने का काम किया। भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने हाल ही में एक प्रेस कॉन्‍फ्रेंस के दौरान कहा था कि अमेरिका किसे बेवकूफ बना रहा है? यह सभी को नजर आ रहा है कि अमेरिका कैसे पाकिस्‍तान का समर्थन कर रहा है।

भारत की पिछले कुछ सालों में अंतरराष्‍ट्रीय मंच पर स्थिति मजबूत हुई हैं। कोरोना महामारी के दौरान जैसे भारत ने अन्‍य देशों की मदद की, उसे पूरे विश्‍व ने सराहा। भारत अब अपनी बात अंतरराष्‍ट्रीय मंच पर पुख्‍ता तरीके से रखने लगा है, फिर चाहे सामने रूस हो या अमेरिका। ऐसे में लगता है कि अमेरिका ने भी नई रणनीति पर काम करना शुरू कर दिया है।

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