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अयातुल्लाह खामेनेई का मुरीद है सलमान रुश्दी का हमलावर हदी मतार, कहा-उनके जिंदा बचने से हैरान हूं

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वॉशिंगटन
 
लेखक सलमान रुश्दी पर जानलेवा हमला करने वाले हदी मतार ने उनके जिंदा बचने पर हैरानी जताई है। इसके अलावा उसने ईरान के नेता अयातुल्लाह खामेनेई की तारीफ की है और कहा कि मैं उनका प्रशंसक हूं। न्यूयॉर्क पोस्ट से बातचीत में हदी मतार ने कहा कि मैं हैरान हूं कि वह जिंदा बच गए हैं और मुझे नहीं लगता था कि वह मौत के मुंह से निकल पाएंगे। हदी मतार ने इंटरव्यू में कहा, 'मैंने जब सुना कि सलमान रुश्दी जिंदा बच गए हैं तो मुझे हैरानी हुई।' हालांकि हदी मतार ने यह नहीं कहा कि उसने अयातुल्लाह खामेनेई से प्रेरित होकर इस हमले को अंजाम दिया था।

अयातुल्लाह खामेनेई को लेकर हदी मतार ने कहा, 'मैं अयातुल्लाह का सम्मान करता हूं। वह महान आदमी हैं। मैं उनके बारे में इतना ही कह सकता हूं।' यही नहीं उसने कहा कि मैंने सलमान रुश्दी के विवादित उपन्यास सेटेनिक वर्सेज के दो पन्ने ही पढ़े हैं। हदी मतार ने कहा कि मैंने कुछ पन्ने ही पढ़े हैं। पूरी पुस्तक को नहीं पढ़ा है। 24 साल के हदी मतार को फिलहाल जेल में रखा गया है। हदी मतार ने ‘न्यूयॉर्क पोस्ट’ से कहा कि वह रुश्दी के हमले में जीवित बच जाने की बात सुनकर हैरान है।  उसने कहा कि जब उसे एक ट्वीट से पिछली सर्दियों में पता चला कि लेखक चौटाउक्वा इंस्टीट्यूट में आने वाले हैं, तो उसने वहां जाने का फैसला किया।

कहा- मुझे सलमान रुश्दी पसंद नहीं, आस्था पर किया था हमला

मतार ने कहा, ‘मुझे यह व्यक्ति पसंद नहीं है। मुझे नहीं लगता कि वह बहुत अच्छा व्यक्ति है।’ उसने कहा, ‘वह (रुश्दी) ऐसा व्यक्ति है, जिसने इस्लाम पर हमला किया। उसने उनकी आस्था पर हमला किया।’ मतार ने कहा कि वह ईरान के दिवंगत सर्वोच्च धार्मिक नेता अयातुल्ला खामनेई को एक ‘बहुत अच्छा व्यक्ति’ मानता है। लेकिन उसने यह मानने से इनकार कर दिया कि उनकी ओर से जारी फतवे के आधार पर ही यह अटैक किया था। रुश्दी की पुस्तक ‘द सैटेनिक वर्सेज’ को लेकर खामनेई ने उन्हें (रुश्दी को) जान से मारने का फतवा जारी किया था।

एक दिन पहले ही बस से पहुंच गया था हदी मतार

ईरान ने हमले में किसी भी प्रकार की संलिप्तता से इनकार किया है। न्यूजर्सी के फेयरव्यू में रहने वाले मतार ने कहा कि उसका ईरान के ‘रेवोल्यूशनरी गार्ड’ से कोई संबंध नहीं है। उसने कहा कि मैंने ‘द सैटेनिक वर्सेज’ के ‘कुछेक पन्ने पढ़े’ हैं। मतार ने कहा कि वह हमले से एक दिन पहले बस से बफेलो पहुंचा था और इसके बाद वह कैब से चौटाउक्वा पहुंचा। उसने कहा कि उसने चौटाउक्वा इंस्टीट्यूट मैदान का पास खरीदा और रुश्दी के व्याख्यान से पहले वाली रात को घास पर सोया। मतार का जन्म अमेरिका में हुआ है, लेकिन उसके पास दोहरी नागरिकता है। वह लेबनान का भी नागरिक है, जहां उसके माता-पिता का जन्म हुआ था।

 

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