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पवित्रता वहीं, जहाँ स्वच्छता : राज्यपाल पटेल

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भोपाल

राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा है कि पवित्रता वहीं है, जहाँ स्वच्छता है। उन्होंने राजभवन परिसर निवासियों से अपेक्षा करते हुए कहा कि भावी पीढ़ी को अच्छे नैतिक जीवन मूल्यों और राष्ट्र के प्रति समर्पण के भावों से संस्कारित करें। आगामी 13 से 15 अगस्त तक हर घर में राष्ट्र ध्वज फहरायें। कार्य में निहित मातृ-भूमि के प्रति आत्म-गौरव की भावनाओं से बच्चों को परिचित कराएं।

राज्यपाल पटेल राजभवन के 40 कर्मचारी आवास लोकार्पण कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे।  राज्यपाल ने नवनिर्मित आवास की व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया। प्रांगण में बेल पत्र का पौधा रोपा गया। अपरिहार्य कारणों से अनुपस्थित लोक निर्माण मंत्री के शुभकामना संदेश का वाचन किया गया। प्रमुख सचिव लोक निर्माण नीरज मंडलोई, राज्यपाल के प्रमुख सचिव डी.पी. आहूजा सहित अधिकारी और राजभवन परिसर के रहवासी मौजूद थे।

राज्यपाल  पटेल ने कहा कि भावी पीढ़ी के निर्माण में परिवार का वातावरण बहुत महत्वपूर्ण होता है। पति-पत्नी का दायित्व है कि वह संतान को परिवार में शांत, सुखमय वातावरण दें। यदि मतभेद अथवा विवाद हो तो बच्चों के सामने प्रकट नहीं करें। ऐसा करने से बच्चों के कोमल मन पर बहुत बुरा प्रभाव पड़ता है। उन्होंने कर्मचारियों को नए घर की बधाई दी। राज्यपाल ने कहा कि परिवार के मुखिया के रूप में उनकी खुशी में वह भी बहुत खुश हैं। प्रकृति भी उनके साथ आनंदित है। इसलिए कई दिनों के बाद बैंड बाजे के साथ प्रकृति की बौछारों ने आपकी ख़ुशी में ख़ुशी को प्रकट किया है। उन्होंने कहा कि स्वच्छ राष्ट्र का रास्ता स्वच्छ घर, मोहल्ला और शहर से जाता है। स्वच्छता आचरण की प्रेरणा इंदौर शहर के निवासियों से लेनी चाहिए, जिनके संबंधित प्रयासों से इंदौर लगातार स्वच्छ शहर बन रहा है।

प्रमुख सचिव लोक निर्माण नीरज मंडलोई ने बताया कि राजभवन परिसर में आवासीय परियोजना निर्माण कार्य 13 करोड़ 21 लाख की लागत से किया जा रहा है। प्रथम चरण में 40 और द्वितीय चरण में 40 आवासों का निर्माण कार्य पूर्ण हो गया है। शेष 4 आवासों का निर्माण कार्य प्रगतिरत है।

कार्यक्रम में कर्मचारियों द्वारा आवास मिलने की खुशी की भावनाओं को व्यक्त किया गया। सहायक ग्रेड-3 श्रीमती कल्पना अतुलकर ने कहा कि राजभवन से घर दूर होने के कारण, उन्हें दो संतानों की देख-रेख में बहुत दिक्कतें हो रही थी। आवास मिलने से वह बच्चों को बेहतर देखभाल कर सकेंगी। भृत्य श्रीमती श्वेता उइके ने बताया कि उनके पिता भी राजभवन परिसर में रहते थे। वह विगत 39 वर्षों से परिसर के आवास में रह रही हैं। सुव्यवस्थित और सुसज्जित आवास उनका सपना था जो साकार हुआ है। प्रभारी हाउस कीपर राम शरण मिश्रा ने कहा कि परिसर के निवासी भाग्यशाली हैं कि उन्हें ऐसे राज्यपाल मिले हैं, जो परिवार के मुखिया के रूप में बिना कहे उनकी समस्याओं को समझकर समाधान कर देते हैं। लोक निर्माण विभाग की परियोजना क्रियान्वयन इकाई के संचालक जी. के. मेहरा ने आभार माना।

 

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