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पात्रा चॉल मामले में संजय राउत को ED ने किया गिरफ्तार

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मुंबई

 शिवसेना के सांसद संजय राउत (Sanjay Raut) को प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने गिरफ्तार कर लिया है। ईडी की तरफ से यह एक्शन रात 12 बजे लिया गया। गिरफ्तारी से पहले संजय राउत से लंबी पूछताछ चली। उन्हें आज मुंबई की पीएमएलए कोर्ट में पेश किया जाएगा। जहां ईडी उन्हें हिरासत में लेने की मांग करेगी। 60 साल के राउत के खिलाफ यह कार्रवाई पात्रा चॉल घोटाले के मामले में हो रही है। उनके भाई सुनील राउत ने आरोप लगाया है कि यह गिरफ्तारी गलत तरीके से हुई है। आइए हम आपको पूरा घटनाक्रम के बारे में बताते हैं।

वर्षा राउत की 2 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त
पात्रा चॉल लैंड स्कैम में करीब 1034 करोड़ के घोटाले का आरोप है। इस मामले में संजय राउत के सहयोगी प्रवीन राउत की 9 करोड़ रुपये और संजय राउत की पत्नी वर्षा की 2 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त हो चुकी है।

अधिकारियों ने बताया कि राउत (60) को दक्षिण मुंबई के बलार्ड एस्टेट में ईडी के मंडल कार्यालय में छह घंटे से अधिक समय तक चली पूछताछ के बाद गिरफ्तार कर लिया गया। उन्होंने दावा किया कि राउत को धन शोधन रोकथाम कानून (पीएमएलए) के तहत रविवार देर रात 12 बजकर पांच मिनट पर हिरासत में लिया गया, क्योंकि वह जांच में सहयोग नहीं कर रहे थे।

उन्होंने बताया कि दस्तावेज फर्जी हैं और राउत को पात्रा चॉल मामले से जोड़ने के लिए कुछ भी नहीं है। ईडी ने शिवसेना सांसद के आवास पर रविवार सुबह छापेमारी की थी। घंटों लंबी पूछताछ के बाद उन्हें हिरासत में ले लिया गया था।

संजय को फंसाने की कोशिश कर रही ईडी

संजय राउत के भाई सुनील राउत ने आरोप लगाते हुए कहा कि संजय उद्धव के सबसे करीबी हैं, इसलिए उन्हें ईडी ने पूछताछ के लिए बुलाया है. ईडी के पास संजय के खिलाफ कोई सबूत नहीं है. वह केवल यह योजना बना रही है कि अगर इस मामले में संजय के खिलाफ कोई सबूत नहीं मिले तो वह किसी और मामले में उन्हें हिरासत में ले ले.

संजय राउत बोले- पार्टी नहीं छोड़ेंगे

ईडी दफ्तर पहुंचने के बाद संजय राउत ने मीडिया से बात की. वह बोले कि महाराष्ट्र को कमजोर करने की कोशिश हो रही है. लेकिन वह झुकेंगे नहीं और ना ही पार्टी छोड़ेंगे.

यह है पात्रा चॉल घोटाला मामला

  •  – ईडी के मुताबिक, गुरु आशीष कंस्ट्रक्शन को पात्रा चॉल को पुनर्विकसित करने का काम मिला था. यह काम MHADA ने उसे सौंपा था. इसके तहत मुंबई के गोरेगांव में 47 एकड़ में पात्रा चॉल में 672 किरायेदारों के घरों पुनर्विकसित होने थे.
  • – ED के मुताबिक गुरु आशीष कंस्ट्रक्शन ने MHADA को गुमराह किया और बिना फ्लैट बनाए ही यह जमीन 9 बिल्डरों को 901.79 करोड़ रुपये में बेच दी. बाद में गुरु आशीष कंस्ट्रक्शन ने Meadows नाम से एक प्रोजेक्ट शुरू किया और घर खरीदारों से फ्लैट के लिए 138 करोड़ रुपये जुटाए.
  • – जांच में सामने आया कि कंस्ट्रक्शन कंपनी ने गैरकानूनी तरीके से 1,034.79 करोड़ रुपये से ज्यादा की कमाई की. आगे चलकर उसने गैरकानूनी तरीके से ही इस रकम को अपने सहयोगियों को ट्रांसफर कर दी.
  • – ED के मुताबिक गुरु आशीष कंस्ट्रक्शन प्राइवेट लिमिटेड हाउसिंग डेवलपमेंट एंड इन्फ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड (HDIL) की सिस्टर कंपनी है. जांच में सामने आया कि HDIL ने करीब 100 करोड़ रुपये प्रवीण राउत के खाते में जमा कराए थे.
  • – 2010 में प्रवीण राउत की पत्नी माधुरी ने संजय राउत की पत्नी वर्षा राउत के खाते में 83 लाख रुपये ट्रांसफर किए थे. इस रकम से वर्षा राउत ने दादर में एक फ्लैट खरीदा. ED की जांच शुरू होने के बाद वर्षा राउत ने माधुरी राउत के खाते में 55 लाख रुपये भेजे थे.
  • – ED के मुताबिक, प्रवीण राउत ने राकेश वधावन और सारंग वधावन के साथ मिलकर हजार करोड़ रुपये से ज्यादा की हेराफेरी की है.
  • – ED ने प्रवीण राउत और उसके करीबी सुजीत पाटकर से जुड़े ठिकानों पर छापेमारी की थी. प्रवीण राउत और संजय राउत कथित तौर पर दोस्त हैं. वहीं, सुजीत पाटकर को भी संजय राउत का करीबी माना जाता है. सुजीत पाटकर संजय राउत की बेटी के साथ एक वाइन ट्रेडिंग कंपनी में पार्टनर भी है.
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