मध्य प्रदेशराज्य

20 नए औद्योगिक क्षेत्रों के जरिए मध्यप्रदेश को बनाएंगे आत्मनिर्भर: CM शिवराज

भोपाल
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान मध्यप्रदेश को आत्मनिर्भर बनाने के लिए ट्वेंटी-ट्वेंटी प्लान पर काम शुरू करने जा रहे है। बीस नए औद्योगिक क्षेत्रों के जरिए प्रदेश में औद्योगिक बूम लाने की तैयारी है। प्रदेश के तेरह स्थानों पर नये औद्योगिक क्षेत्र शुरू किए जाएंगे। कुछ मौजूदा औद्योगिक क्षेत्रों को एक्सटेंशन के रूप में विकसित किया जाएगा। जमीन चिन्हित और आवंटन कराने की कार्यवाही पूरी कर ली गई है। इन सभी क्षेत्रों में उद्योगपतियों को विकसित भूखंड, सस्ती बिजली, पानी और कर रियायतें दी जाएंगी।

इंदौर के आसपास चार औद्यागिक क्षेत्र विकसित किए जा रहे है। 118 हेक्टेयर भूमि इंडस्ट्रियल पार्क में है। जबकि एमराल्ड आईटी पार्क में ढाई और 33.5 हेक्टेयर जमीन पर मालवा इंडस्ट्रियल पार्क बनेगा। रंगवासा में 92.9 हेक्टेयर में सिंथेटिक कपड़ा, जूते का कपड़े के उद्योग लगेंगे। भोपाल में इंडस्ट्रियल पार्क अचारपुरा और बगरौदा (भोजपुर)में 87.8, छिंदवाड़ा में 40.2 हेक्टेयर, धार में न्यू इंडिस्ट्रियल पार्क पीथमपुर में 586.7 हेक्टेयर और बदनावर में 82 हेक्टेयर जमीन पर इंडस्ट्रीयल पार्क बनेगा।

रतलाम में तीस हेक्टेयर, जौरा में 34 हेक्टेयर जमीन पर इंडस्ट्रियल पार्क बनेंगे।  इसके अलावा मुरैना, कटनी, शहडोल, सिंगरौली, रीवा, सागर कटनी, निवाड़ी, सीहोर में भी नये औद्योगिक पार्कों के लिए जमीनें आवंटित हो चुकी है। रीवा के औद्योगिक पार्क के लिए 175 हेक्टेयर जमीन आवंटित हो चुकी है। सिंगरौली और बरगावन में दो नये क्षेत्र बनने है।

 बाण सागर परियोजना के डूब क्षेत्र में स्थित जलसंसाधन विभाग के आधिपत्य वाले सरसी टापू में स्थित 84.58 हेक्टेयर जमीन में से 35 हेक्टेयर भूमि और पहाड़िया टापू की 110.08 जमीन में से 45 हेक्टेयर जमीन पर्यटन विभाग को हस्तांरित की जाएगी। इन टापुओं की जलाशय के अधिकतम जलस्तर के उपर की जमीन ही पर्यटन विभाग को दी जाएगी। पर्यटन विभाग यहां पर्यटकों के लिए जलक्रीड़ा की व्यवस्था करेगा। जलाशय में पैडल वोट, क्रूज वोट का संचालन किया जाएगा। पर्यटकों के ठहरने के लिए हटस बनाए जाएंगे। बांध के दो किलोमीटर अपस्ट्रीम और दो किलोमीटर डाउन स्ट्रीम का क्षेत्र पर्यटन गतिविधियों के लिए प्रतिबंधित रहेगा। यहां रात्रि बोटिंग प्रतिबंधित रहेगी। जलीय जीवों और पानी की गुणवत्ता पर असर ना पड़े इसकी मॉनिटरिंग की व्यवस्था पर्यटन विभाग करेगा। बाणसागर में भी हनुवंतिया टापू की तर्ज पर पर्यटन गतिविधियां शुरू की जाएगी।  इससे विंध्य और बुंदेलखंड के लोगों को पर्यटन सुविधाएं मिलेगी,साथ ही विदेशी पर्यटक भी यहां का आनंद ले सकेंगे।

 

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