उत्तरप्रदेश

आशुतोष टंडन बोले – गोमती साफ करने के साथ ही बिजली भी बनेगी हैदर कैनाल एसटीपी में

लखनऊ

नगर विकास मंत्री आशुतोष टंडन ने कहा है कि हैदर कैनाल एसटीपी के जरिये जहां गोमती नदी का प्रदूषण कम होगा, वहीं इसमें बिजली भी बनेगी। 120 एमएलडी क्षमता के बनने वाले एसटीपी को चलाने के लिए वहीं पर बिजली बनेगी। इससे प्लांट को चलाने के लिए बिजली की कुल खपत का 65 फीसदी उत्पादन वहीं पर होगा। उन्होंने कहा कि इस परियोजना का काम जल जीवन मिशन शहरी से कराया जाए। इसके लिए राज्य सरकार ने 297 करोड़ रुपये दिए हैं। इससे गोमती नदी का प्रदूषण बड़ी मात्रा में कम होगा। नगर विकास मंत्री मंगलवार को 1090 चौराहे के निकट हैदर कैनाल पर 120 एमएलडी क्षमता के निर्माणाधीन एसटीपी स्थल का निरीक्षण करने गए। मौके पर 100 श्रमिक काम कर रहे थे, जिसे बढ़ाकर उन्होंने 400 करने का निर्देश दिया। यह भी कहा कि दिसंबर तक रिटेनिंगवाल का काम पूरा करा लिया जाए। यह एसटीपी नई तकनीक से बनाई जा रही है। वर्तमान में क्रियाशील भरवारा एसटीपी पर हैदर कैनाल नाले का आंशिक सीवेज शोधन ही हो पा रहा है। हैदर कैनाल के बचे हुए सीवेज का शोधन प्रस्तावित निर्माणाधीन 120 एमएलडी एसटीपी पर होगा। इससे गोमती का प्रदूषण भी कम होगा।

 

अपर मुख्य सचिव नगर विकास डा. रजनीश दुबे ने बताया कि राज्य सेक्टर के तहत 2017 में हैदर कैनाल पर 120 एमएलडी क्षमता की एसटीपी परियोजना स्वीकृत की गई थी। स्वीकृत योजनाओं का काम जल निगम अनुबंध के आधार पर करा रहा है। इस योजना पर 297 करोड़ रुपये खर्च होने हैं। नगर विकास मंत्री निर्देश दिया है कि एसटीपी की स्वीकृति नमामि गंगे मिशन से न होने की वजह से इसे जल जीवन मिशन शहरी से कराया जाए। अपर मुख्य सचिव नगर विकास डा. रजनीश दुबे ने एसटीपी संबंधी योजनाओं में प्रस्तावित कामों को पूरा होने तक गोमती नदी में मिलने वाले नालों का बायोरेमिडेशन तत्काल नगर निगम के माध्यम से शुरू कराने का निर्देश दिया है। उन्होंने बताया कि एसटीपी का काम सितंबर 2021 तक एक तिहाई पूरा हो जाएगा। जिसे अक्तूबर 2021 तक पूरा कर लिया जाएगा। एसटीपी का काम मुंबई की कंपनी शोपेन जी पलोन जी द्वारा किया जा रहा है। यह काम दो वर्षों रुका हुआ था, जिसे नगर विकास मंत्री की पहल पर फिर से शुरू किया गया है। निरीक्षण के दौरान सचिव नगर विकास व एमडी जल निगम अनिल कुमार आदि थे।