छत्तीसगढ़ रायपुर

मार्शल बुलाने के लिए लिखे गए पत्र को लेकर दुर्ग नगर निगम में पार्षदों का हंगामा

दुर्ग
कोरोना संक्रमण काल के कारण 10 माह बाद हुई नगर निगम दुर्ग की सामान्य सभा की बैठक में मार्शल बुलाने के लिये लिखे गये पत्र को लेकर विपक्षी सदस्यों ने जमकर हंगामा किया जिसके चलते सामान्य सभा को 10 मिनट के लिये स्थगित कर दिया गया। बैठक जब दोबारा शुरू हुई तो भी विपक्ष हंगामा करता रहा।

दुर्ग निगम की सामान्य सभा की बैठक दोपहर 12 बजे से आदित्य नगर के कुशाभाऊ ठाकरे भवन में शुरू हुई। यह मौजूदा परिषद की पहली सामान्य सभा है। शहर सरकार के चुनाव के तत्काल बाद कोरोना संक्रमण के कारण पिछले 10 माह से कोई भी सामान्य सभा नहीं हुई है। इसके कारण मौजूदा वित्तीय वर्ष की बजट को भी स्वीकृति नहीं मिल पाई है। ऐसे में बैठक में बजट के साथ विपक्षी पार्षदों द्वारा कई महत्वपूर्ण सवाल उठाए गए हैं। विपक्षी भाजपा पार्षदों ने तीन चरणों में बैठक कर सामान्य सभा की तैयारी की थी। बैठक शुरू होते ही सामान्य सभा में मार्शल बुलाने के लिए लिखे गए पत्र को लेकर पार्षदों ने हंगामा कर दिया। विपक्ष द्वारा इसे सदन का अपमान करार देते हुए आयुक्त से माफी मंगवाने की मांग की गई। विपक्ष की इस मांग पर सभापति और सत्ता पक्ष सहमत नहीं हुए। जिसके बाद दोनों पक्ष आमने सामने हो गए। हंगामे के बीच सदस्यों ने एक दूसरे पर जमकर आरोप लगाया। करीब पौन घंटे तक हंगामा चलता रहा। एक बार 10 मिनट के लिए सभा स्थगित भी करनी पड़ी। करीब पौन घंटे बाद प्रश्नकाल शुरू हुआ, लेकिन प्रश्नों के बीच भी पार्षदों का शोर-शराब चलते रहा।

लंबे अंतराल और इस बीच कई मामलों पर पक्ष और विपक्ष के बीच लगातार घमासान के कारण यह बैठक भी बेहद हंगामेदार होने के पहले से ही आसार बने हुए थे। प्रश्नकाल के लिए 47 सवाल के साथ विपक्ष ने कोरोना काल में राशन वितरण, कुत्तों के बधियाकरण में कथित घालमेल सहित सड़क, बिजली और पानी आदि मुद्दों पर सत्तापक्ष को घेरने की रणनीति बनाई । जिसको लेकर विपक्षी भाजपा पार्षदों ने तीन चरणों में बैठक कर सामान्य सभा की तैयारी की थी। सांसद सरोज पांडेय के साथ जिला भाजपा अध्यक्ष, पूर्व महापौर और पूर्व लोककर्म प्रभारी पार्षदों को टिप्स दिए हैं। शनिवार को भी भाजपा पार्षदों ने बैठक कर एक प्रकार से तैयारी का रिहर्सल किया था। इस बात की जानकारी सत्ता पक्ष को भी इस वजह से उन्होंने भी विपक्षी सदस्यों को करार जवाब देने की तैयारियां बकायदा बैठक लेकर की थी।