राजनीति

10 लाख लोगों को नौकरी देने में पैसे कम पड़े तो CM-MLA का कटेगा वेतन: तेजस्वी यादव

पटना
बिहार विधानसभा चुनाव 2020 (Bihar Assembly Election 2020) में तेजस्वी यादव (Tejashwi Yadav) रोजगार के मुद्दे को लगातार उठा रहे हैं। वहीं मुख्यमंत्री नीतीश कुमार (Nitish Kumar), तेजस्वी के इस वायदे को चुनावी प्रचार बता रहे हैं। नीतीश कुमार, सुशील मोदी (Sushil Modi), जीतन राम मांझी (Jitan Ram Manjhi) सहित एनडीए (NDA) के कई नेता यह सवाल उठा चुके हैं कि इतनी बड़ी संख्या में सरकारी नौकरी कहां से आएगी? और इसके लिए तेजस्वी पैसा कहां से लाएंगे? महागठबंधन की ओर से सीएम पद के उम्मीदवार तेजस्वी यादव ने सोमवार को 'युवा नौकरी संवाद' में इस सवाल का जवाब दिया और कई मुद्दों पर बात की। आरजेडी नेता तेजस्वी यादव (RLD Leader Tejashwi Yadav) ने बड़ा ऐलान करते हुए कहा कि सरकारी बजट का 80 हज़ार करोड़ रुपए खर्च नहीं होता, लेकिन अगर उसके बाद भी 10 लाख युवाओं को नौकरी देने के लिए पैसे कम पड़े तो मुख्यमंत्री, मंत्री समेत सभी विधायकों की सैलरी में कटौती की जाएगी। तेजस्वी यादव ने कहा कि बेरोजगारी रेट बिहार का 46.68 है। बिहार में पैसा खर्च नहीं होता है इसलिए बिहार पिछड़ा है।

'सरकार बनी तो नियोजित शिक्षकों को सामान काम के आधार पर सामान वेतन'
लालू यादव (Lalu Prasad Yadav) के बेटे तेजस्वी ने कहा कि नीतीश कुमार ने जितनी भी नौकरी निकाली वो संविदा पर निकाली है। सुशील मोदी, नीतीश जी के पास इच्छाशक्ति नहीं है। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार बनने पर सभी नियोजित शिक्षक को सामान काम के आधार पर समान वेतन दिया जाएगा।

कमाई, पढ़ाई और दवाई पर फोकस
तेजस्वी यादव अपनी हर रैली में रोजगार के अलावा कमाई, पढ़ाई और दवाई की व्यवस्था राज्य में ही करने की बात कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि 40 लाख से ज्यादा श्रमिक जो बाहर फंसे रहे, देश के हर राज्य में कर्पूरी श्रम केंद्र बनेगा। व्यवसाय से जुड़े लोगों के लिए व्यापारी सुरक्षा दस्ता का गठन करेंगे जिससे भय मुक्त व्यापार कर सके।

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