राष्ट्रीय

सॉफ्टवेयर इंजीनियर की नौकरी गई तो बेचने लगा ड्रग्स

मुंबई  
एंटी नारकोटिक्स सेल (ANC) ने मुंबई में एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर को मोबाइल ऐप के जरिए ड्रग का धंधा चलाने के आरोप में गिरफ्तार किया है. लॉकडाउन के दौरान नौकरी चले जाने के बाद सॉफ्टवेयर इंजीनियर अमेरिका में अपने संपर्कों से ड्रग्स का आयात किया और फिर उन्हें कूरियर के माध्यम से पूरे भारत में अपने ग्राहकों तक बेचने लगा.
जब बांद्रा में नेशनल लाइब्रेरी के पास एक बैग के साथ संदिग्ध रूप से घूम रहे दो लोगों को पकड़ा गया तो इस ड्रग्स नेटवर्क का खुलासा हुआ. जब उनके बैग की तलाशी ली गई, तो उससे 2 किलोग्राम उच्च कोटि का गांजा (मारिजुआना) मिला. जब्त ड्रग्स को अमेरिका में एक्सोटिक, प्रीमियर इंडिको और हाइड्रो के नाम से भी जाना जाता है. भारत में यह 1,800 से 3,000 रुपये प्रति ग्राम की दर से बेचा जाता है.
 
ANC अधिकारियों द्वारा पकड़े गए दो लोगों की पहचान यश कलानी और गुरु जायसवाल के रूप में हुई है. उन्हें हिरासत में लेकर एएनसी पूछताछ कर रही है. वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक अनिल वाधवने ने कहा, "यश कलानी पेशे से एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर थे और लॉकडाउन के कारण उनकी नौकरी चली गई थी. उन्होंने कहा है कि वह वेबसाइट के माध्यम से कुछ दवा आपूर्तिकर्ताओं को जानते थे और व्यक्तिगत उपभोग के लिए उनसे ड्रग्स मंगवाते थे. उन्होंने पेपैल ऐप के माध्यम से ड्रग्स के लिए भुगतान किया और मुंबई में शिपमेंट लिया.
 
अगस्त में, यश कलानी ने ड्रग्स के धंधे में शामिल होकर पैसा कमाने का फैसला लिया था. एक बार जब उन्हे अमेरिका से ड्रग्स मिल गया तो उन्होंने मुंबई, पुणे, बैंगलोर, चेन्नई और दिल्ली जैसे विभिन्न शहरों में कूरियर के माध्यम से अपने ग्राहकों को भेज दिया. अनिल वाधवने ने कहा कि अमेरिका में ड्रग्स आपूर्तिकर्ताओं के साथ संचार और भारत में आपूर्ति की जरूरत वाले लोगों के लिए भी विक्र ऐप का इस्तेमाल किया जा रहा है.

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