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सेफ है या नहीं कोरोना वैक्‍सीन? इन्‍होंने खुद लगवाकर दी है गारंटी

नई दिल्‍ली
महीनों के इंतजार के बाद आखिरकार भारत में कोरोना वायरस की वैक्‍सीन उपलब्‍ध हो गई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार सुबह टीकाकरण कार्यक्रम की शुरुआत की। इसी के साथ, देशभर के तीन हजार से ज्‍यादा टीकाकरण केंद्रों पर हेल्‍थ वर्कर्स को वैक्‍सीन लगने लगी है। भारत में दो टीकों को मंजूरी मिली है जिनमें से एक Covaxin पर विपक्षी दल सवाल उठा रहे हैं। कई एक्‍सपर्ट्स ने भी भारत बायोटेक की वैक्‍सीन को इमर्जेंसी अप्रूवल दिए जाने पर सवाल उठाया था। इन शंकाओं का जवाब देने के लिए केंद्रीय स्‍वास्‍थ्‍य मंत्री से लेकर गृह राज्‍य मंत्री तक मीडिया के सामने आए। फिर दिग्‍गज हेल्‍थकेयर एक्‍सपर्ट्स ने भी वैक्‍सीन लगवाकर एक तरह से इन सवालों का जवाब दिया। आइए जानते है कि वैक्‍सीन की सेफ्टी और एफेकसी (प्रभावोत्‍पादकता) को लेकर क्‍या सवाल उठे हैं और किस तरह से उनके जवाब दिए गए हैं।

कांग्रेस सांसद ने उठाए सवाल
कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी ने न्‍यूज एजेंसी ANI से बातचीत में टीकाकरण अभियान शुरू करने पर सवाल उठाए। तिवारी ने कहा, "कई नामी डॉक्‍टर्स ने Covaxin की एफेकसी और सेफ्टी को लेकर सवाल उठाए हैं। सरकार कह रही है कि लोग नहीं चुन पाएंगे कि उन्‍हें कौन सी वैक्‍सीन लगेगी। यह सहमति के सिद्धांत के खिलाफ है।" उन्‍होंने कहा, "अगर वैक्‍सीन इतनी ही सेफ और भरोसेमंद है और उसकी एफेकसी को लेकर कोई शक नहीं है तो सरकार में से कोई वैक्‍सीन लगवाने आगे क्‍यों नहीं आया जैसा ही दुनिया के कई अन्‍य देशों में हुआ है?"

आज इन लोगों ने लगवाया है टीका

  • कोविड वैक्‍सीन पैनल के चीफ विनोद के. पॉल
  • अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) निदेशक रणदीप गुलेरिया
  • राम मनोहर लोहिया अस्‍पताल के मेडिकल सुप्रिटेंडेंट डॉ एके सिंह राणा
  • पूर्व केंद्रीय मंत्री और नोएडा सांसद डॉक्टर महेश शर्मा
  • पश्चिम बंगाल के श्रम राज्य मंत्री निर्मल माजी
  • लोकनायक जय प्रकाश नारायण अस्पताल में मध्य जिला कार्यक्रम अधिकारी पुनीत जेटली
  • इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज, शिमला के सीनियर मेडिकल सुप्रिटेंडेंट डॉ. जनक राज
  • केरल के चिकित्सा शिक्षा निदेशक रामला बीवी
  • भारतीय चिकित्सा संस्थान (एमसीआई) के पूर्व अध्यक्ष डॉक्टर केतन देसाई
  • जयपुर के एसएमएस मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डा सुधीर भंडारी
  • चंडीगढ़ के स्वास्थ्य सेवा निदेशक अमनदीप कौर कांग
  • जेजे अस्पातल के डीन डॉक्टर रंजीत मानकेश्वर
  • सीरम इंस्टिट्यूट ऑफ इंडिया के सीईओ अदार पूनावाला

पहले दिन किसी गंभीर साइड इफेक्‍ट की खबर नहीं
आज जहां-जहां टीकाकरण हुआ है, वहां दोनों वैक्‍सीन- कोविशील्‍ड और कोवैक्‍सीन लगाई गई है। एक सेंटर पर एक ही वैक्‍सीन भेजी गई है, ऐसे में जहां कोविशील्‍ड लगी, वहां कोविशील्‍ड ही सबको लगी। जिन सेंटर्स पर कोवैक्‍सीन भेजी गई, वहां सबको कोवैक्‍सीन ही लगी। 'कोविशील्ड' और 'कोवैक्सीन' की 1.65 करोड़ डोज में से सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों को हेल्‍थ वर्कर्स की संख्‍या के हिसाब से अलॉट किया गया है। टीकाकरण के पहले दिन किसी गंभीर साइड इफेक्‍ट की बात सामने नहीं आई है, ऐसे में दोनों टीकों की सेफ्टी को लेकर उठे सवाल एक तरह से झूठी शंका ही साबित हुए हैं।

केंद्रीय मंत्री ने सवाल उठाने वालों को दिया जवाब
केंद्रीय गृह राज्‍य मंत्री जी. किशन रेड्डी ने वैक्‍सीन के खिलाफ बयानबाजी से बचने को कहा है। उन्‍होंने कहा, "मैं लोगों से ऐसी बातें न करने की अपील करता हूं। दूसरे देशों में टेस्‍ट हुईं दवाओं को अच्‍छा मानते हैं लेकिन जब हमारे वैज्ञानिक मेहनत करके मेड इन इंडिया दवाएं बनाते हैं तो लोग उन्‍हें इस तरह देखते हैं। वैक्‍सीन टेस्टिंग के बाद ही अप्रूव की गई है। मैं पूरे विश्‍वास से कह सकता हूं कि टीकों से सबको फायदा होगा।"

पीएम मोदी ने भी कहा, अफवाहों पर न दें ध्‍यान
टीकाकरण अभियान की शुरुआत करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि वैज्ञानिकों और विशेषज्ञों के ‘मेड इन इंडिया’ टीकों की सुरक्षा के प्रति आश्वस्त होने के बाद ही इसके उपयोग की अनुमति दी गई है। उन्होंने कहा कि भारतीय टीकों को अपनी गुणवत्‍ता के कारण वैश्विक विश्‍वसनीयता प्राप्‍त है तथा देशवासियों से टीकाकरण को लेकर अफवाहों से बचना चाहिए।

हेल्‍थ मिनिस्‍टर ने भी कहा, सुनी-सुनाई बात पर ध्‍यान न दें
केंद्रीय स्‍वास्‍थ्‍य मंत्री हर्षवर्धन ने टीकों को कोरोना के खिलाफ लड़ाई में ‘संजीवनी’ करार दिया। उन्‍होंने कहा, "ऐसे समय जब अफवाहें फैलाई जा रही हैं, तो मैं उम्मीद करता हूं कि मीडिया सही जानकारी प्रसारित करेगा और यह कदम इस रोग के खिलाफ लड़ाई में मददगार होगा।’’ टीकों को सुरक्षित बताते हुए उन्होंने लोगों से कहा कि वे सुनी-सुनाई बातों पर ध्यान नहीं दे तथा विशेषज्ञों पर भरोसा करें।

नोएडा के सांसद ने कहा, टीके का कोई साइड इफेक्‍ट नहीं
नोएडा सांसद डॉक्टर महेश शर्मा ने कहा कि टीकाकरण एक सामान्य प्रक्रिया है और इसके पश्चात खुद को पूरी तरह से सामान्य महसूस कर रहे हैं। किसी भी तरह की उन्हें परेशानी का अनुभव नहीं हो रहा है। यह टीका पूरी तरह से सुरक्षित और भरोसेमंद है। सांसद ने कहा कि आम जनमानस में टीके को लेकर जो भ्रांतियां फैली हुई हैं वह निराधार हैं और कोरोना वायरस से बचाव के लिए सभी लोग टीका जरूर लगवाएं। उन्होंने कहा कि इस टीके का कोई साइड इफेक्ट नहीं है।

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