राष्ट्रीय

सरकार ने वैक्सीनेशन के लिए 50000 करोड़ का फंड अलग रखा- रिपोर्ट

नई दिल्ली
भले ही कोरोना वैक्सीन अभी तक नहीं आई हो, लेकिन सरकार अभी से वैक्सीनेशन की तैयारी में जुट गई है। ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के मुताबिक, सरकार ने पूरे देश में वैक्सीनेशन के लिए करीब 50 हजार करोड़ का फंड अलग रख दिया है। पीएम मोदी ऐडमिनिस्ट्रेशन का मानना है कि एक शख्स को वैक्सीन का खर्च करीब 6-7 डॉलर आएगा। ऐसे में 130 करोड़ लोगों के लिए वैक्सीनेशन प्रोग्राम बहुत महंगा होने वाला है।

चालू वित्त वर्ष के लिए यह प्रोविजनिंग
मामले से जुड़े सूत्रों ने बताया कि यह फंड चालू वित्त वर्ष (2020-21) के लिए प्रोविजन कर दिया गया है। सूत्रों ने यह भी बताया कि वैक्सीनेशन के प्रोग्राम के लिए फंड की कमी नहीं होगी। हालांकि इसको लेकर अभी तक फाइनैंस मिनिस्ट्री की तरफ से कोई आधिकारिक बयान या फिर इस खबर को लेकर कोई कमेंट नहीं किया गया है।

पूनावाला ने कहा था चाहिए 80 हजार करोड़
पिछले दिनों सीरम इंस्टिट्यूट ऑफ इंडिया के प्रमुख अदर पूनावाला ने भी ट्वीट कर कहा था कि पूरे देश में वैक्सीनेशन प्रोग्राम को चलाने के लिए सरकार को करीब 80 हजार करोड़ रुपये की जरूरत होगी। उन्होंने यह भी कहा था कि वैक्सीन की सरकारी खरीद से बड़ी समस्या होगी, घर-घर तक इसकी डिलिवरी।

स्विगी और जोमैटो से भी संपर्क
पिछले दिनों ऐसी भी खबर आई थी कि सरकार ने व्यापक स्तर पर कोल्ड स्टोरेज की पहचान शुरू कर दी है। क्योंकि वैक्सीन सुरक्षित रखने के लिए बड़े पैमाने पर कोल्ड स्टोरेज की जरूरत होगी। भारत बहुत विशाल देश है, ऐसे में देश के हर कोने में कोल्ड स्टोरेज सेंटर होना जरूरी है। उस समय कहा गया था कि सरकार कोल्ड स्टोरेज के लिए स्विगी और जोमैटो जैसी कंपनियों के भी संपर्क में है।
 

लोकल स्तर पर कोल्ड स्टोरेज की जरूरत होगी
एक्सपर्ट्स का कहना है कि तालुका स्तर पर रेफ्रिजरेटरों, कोल्ड स्टोरेज इत्यादि की व्यवस्था करना जरूरी है जो टीके का भंडारण और वितरण कर सकें। टीका उपलब्ध कराने वाली अधिकतर कंपनियों को कोल्ड स्टोरेज की सप्लाई चेन की जरूरत होगी। उन्हें ऐसे कोल्ड स्टोरेज चाहिए जहां शून्य से नीचे तापमान जा सके और यह अधिक से अधिक शून्य से 80 डिग्री सेल्सियस नीचे तक जा सके।

Tags

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Close