छत्तीसगढ़राज्य

शहीदों को मारने वालों का नाम हम जानते हैं, केंद्र सरकार लगा रही हैं अड़ंगा

जगदलपुर
मुरिया दरबार में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने केंद्र पर निशाना साधते हुए कहा कि झीरम कांड में शहीदों को मारने वालों नाम हम जानते है लेकिन केंद्र सरकार अडंगा लगा रही है। न ही एनआईए जांच कर रही है और न राज्य सरकार को कोई भी जांच करने दे रही है। शहीदों को मारने वालों की गिरफ्तार जल्द हो यह की केंद्र से मांग है। इसके साथ उन्होंने कहा कि बस्तर दशहरा उत्सव समिति से जुड़े लोगों का जल्द ही मानदेय बढ़ेगा और जहां खाली शासकीय जमीन है वहां पर छोटे प्लांट लगाए जाएंगे।

मुरिया दरबार में पत्रकारों से चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री बघेल ने केंद्र की भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि  झीरम घाटी हत्याकांड भाजपा खामोश नहीं है वह अंदर ही अंदर षड?ंत्र कर रही होगी। इसका पता भी आप लोग लगाइये।

मुख्यमंत्री ने कहा कि झीरम कांड के शहीदों को मारने वालों का नाम वे जानते है लेकन केंद्र की भाजपा सरकार इसमें अड़ंगा लगा रही है। एनआईए पहले जांच कर रही थी लेकिन अब उसे जांच करने से मना कर दिया गया है इसलिए वह जांच नहीं कर रही है। राज्य सरकार इस मामले में अपनी ओर से जांच कराना चाह नहीं है लेकिन उसे भी रोका जा रहा है। केंद्र की भाजपा सरकार नगरनार स्टील प्लांट का निजीकरण कर दिया यह नहीं होना चाहिए था क्योंकि एनमएडीसी को प्लांट लगाने के लिए यहां के लोगों ने अपनी जमीन दी। निजीकरण रोकने के लिए राज्य सरकार अपने स्तर पर जो भी बन सकेगा वह करेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हम नगरनार और टाटा जैसा बड़ा प्लांट नहीं लगाएंगे, लेकिन बस्तर के विकास के लिए छोटे-छोटे प्लांट जरुर लगेंगे जिससे यहां के लोगों को रोजगार मिल सके। उन्होंने कहा कि दंतेवाड़ा में 500 एकड़ जमीन और कोंडागांव में भी जमीन है, इसके अलावा जहां पर भी सरकारी जमीन खाली है वहां पर छोटे-छोटे उद्योग लगेंगे। बोधघाट प्रोजेक्ट के बारे में बोलते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यह बांध छत्तीसगढ़ के लोगों के लिए बनेगा। इस प्रोजेक्ट से बीजापुर, दंतेवाड़ा, सुकमा, कोंडागांव, नारायणपुर के लोगों को सीधा लाभ मिलेगा। जैसा मध्यप्रदेश की नर्मदा नदी हुआ है ऐसा बोधघाट प्रोजेक्ट का नहीं होगा।

मुख्यमंत्री ने बस्तर दशहरा समिति से जुड़े लोगों के वन अधिकार पट्टा देने के निर्देश  कलेक्टर को देते हुए कहा कि छह माह के अंदर ग्राम सभा का आयोजन कर इन लोगों को पट्टों का वितरण किया जाना चाहिए। वहीं समिति में खाली पदों को भी इसी छह माह के अंदर भरने और तहसीलदार परिसर में मांझी भवन के उन्नयन और मंदिर में शेड निर्माण के लिए 10 – 10 लाख रुपए देने की घोषणा की। बस्तर दशहरा समिति से जुड़े लोगों का मानदेय बढ़ाते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि मांझी को 2000 प्रति माह, चालकी को 1000 रुपए, सदस्य कार्यकारिणी को 1100 रुपए, साधारण सदस्य को 1500 रुपए वार्षिक, पुजारी को 3500 रुपए प्रतिमाह, राउत और सेवादार को 1750 रुपए, कैलादेवी पुजारी, राजुलवाली, भंडारी देवी पुजारी, बाजक वादक, मोरी बाजा वादक, पूजा विधान को 1500-1500 रुपए सालाना, जोगी को 15000 रुपए और दो रथ निर्माण के लिए अब 21-21 हजार रुपए अब दिए जाएंगे।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button