उत्तर प्रदेशराज्य

विधानसभा निर्वाचक नामावलियों में महिला मतदाताओं के अनुपात में सुधार नहीं

मैनपुरी
विधानसभा निर्वाचक नामावलियों के संक्षिप्त पुनरीक्षण में भी महिला मतदाताओं के अनुपात में सुधार नहीं हो सका। राज्य में महिला मतदाताओं के सापेक्ष जिले में महिला मतदाताओं का अनुपात कम था। ऐसे में महिला मतदाताओं पर विशेष जोर था, फिर भी इनकी संख्या में सुधार नहीं हो सका।

भारत निर्वाचन आयोग के निर्देश पर 17 नवंबर 2020 को विधानसभा निर्वाचक नामावलियों का संक्षिप्त पुनरीक्षण शुरू किया गया था। 15 जनवरी 2021 को जब पुनरीक्षण के बाद मतदाता सूची का प्रकाशन हुआ तो आधी आबादी फिर मतदाता बनने में पीछे रह गई।

पुरुषों की अपेक्षा महिलाओं के अधिक नाम तो सूची में शामिल हुए, लेकिन शामिल नाम के सापेक्ष हटाए जाने वाले नामों की संख्या अधिक रही। ऐसे में वर्तमान सूची में केवल 2879 महिलाओं के नाम ही बढ़े। इसी के चलते महिला मतदाताओं का अनुपात पुरुष मतदाताओं के सापेक्ष 846 ही रहा।

जिले में मैनपुरी, भोगांव, किशनी और करहल समेत कुल चार विधानसभाएं हैं। मतदाता पुनरीक्षण अभियान में सबसे कम महिला मतदाता भोगांव विधानसभा में बढ़ीं। यहां 1047 महिला मतदाताओं की संख्या बढ़ी। वहीं सर्वाधिक महिला मतदाताओं की संख्या करहल विधानसभा में 1851 बढ़ीं। चारों विधानसभाओं में अब कुल महिला मतदाताओं की संख्या बढ़कर 611890 हो गई है।   
   
 ये हैं आंकड़े

  • पहले 609011 थी महिला मतदाताओं की संख्या
  • अब 611890 है महिला मतदाताओं की संख्या
  • 5676 महिलाओं के नाम हुए मतदाता सूची में शामिल
  • 2600 महिलाओं के नाम मतदाता सूची से हटाए
  • 846 था पहले महिला मतदाताओं का अनुपात
  • 846 है वर्तमान में महिला मतदाताओं का अनुपात

सहायक जिला निर्वाचन अधिकारी फूलचंद्र ने बताया कि युवाओं के नाम विधानसभा निर्वाचक नामावलियों में जोड़ने के लिए अभियान चलाया गया था। 15 जनवरी को सूची का प्रकाशन कर दिया गया है। जितने आवेदन मतदाता बनने के लिए आए वे सभी सूची में शामिल कर लिए गए हैं।

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