उत्तर प्रदेशराज्य

विकास दुबे पर दर्ज 66 केस की जानकारी सरकार ने मांगी

 कानपुर 
एनकाउंटर में मारे गए हिस्ट्रीशीटर विकास दुबे पर दर्ज 66 मामलों पर की गई कार्रवाई की जानकारी फिर से शासन ने मांगी है। कई मुकदमों में विकास के बरी व जमानत मिलने के बाद अपील की कार्रवाई को लेकर भी जवाब मांगा है। एडीएम सिटी ने डीआईजी व डीजीसी क्रिमिनल को पत्र भेजकर छह बिंदुओं पर रिपोर्ट मांगी है। 

विकास पर 66 मामले दर्ज थे, वह कई में बरी भी हो गया था। संगीन अपराध होने के बावजूद उसे जमानत मिल गई। इससे शासन व एसआईटी दोनों ही हैरान हैं। उस दौरान तैनात रहे सरकारी अधिवक्ताओं की भी जानकारी तलब की गई है। एडीएम सिटी अतुल कुमार के मुताबिक पुलिस व डीजीसी से जानकारी मांगी है। रिपोर्ट आते ही शासन को भेजा जाएगा। दिलीप कुमार अवस्थी, डीजीसी क्रिमिनल ने बताया कि प्रशासन ने विकास पर दर्ज मामलों की छह बिंदुओं पर रिपोर्ट मांगी है। कार्रवाई व पैरवी के बारे में भी पूछा है। कानपुर देहात व कानपुर में दर्ज मामलों को दिखवाया जा रहा है। एक हफ्ते में रिपोर्ट बनवाकर मुकदमा वार भेजी जाएगी। 

जमानत अर्जी कोर्ट से खारिज : 

बिकरू कांड के मुख्य आरोपित विकास दुबे की घरेलू सहायिका रेखा अग्निहोत्री की जमानत सोमवार को खारिज कर दी गई। बचाव पक्ष के वकील ने उसकी जमानत अर्जी कोर्ट में दाखिल की थी। कोर्ट में सुनवाई शुरू होने के साथ ही एडीजीसी ने जमानत का विरोध किया। दोनों पक्षों को सुनने के बाद एंटी डकैती कोर्ट जज ने जमानत अर्जी को खारिज कर दिया। विकास दुबे के घर का काम देखने वाले दयाशंकर उर्फ कल्लू की पत्नी रेखा अग्निहोत्री को पुलिस ने जेल भेजा था। उसकी जमानत के लिए बचाव पक्ष के वकील ने प्रार्थना पत्र दिया। जिसमें उन्होंने कोर्ट को जानकारी दी कि इस मामले में रेखा को झूठा अभियुक्त बनाया गया है। उसके द्वारा कोई साजिश नहीं रची गई न ही उसे इस मामले में नामजद किया गया था।

वकील ने कोर्ट को बताया कि उसके पति बिकरू में कोटेदार था। सरकारी कोटा उसी के नाम पर था मगर उसे विकास दुबे चलाता था। रेखा और उसके पति चाहकर भी विरोध नहीं कर पाते थे। पुलिस को उसके कोटे होने पर आक्रोश था जिसके कारण रेखा को भी साजिश रचने का आरोपित बना दिया गया। वकील ने यह भी बताया कि पुलिस ने उसे पूछताछ के बहाने बुलाया और जबरन मुकदमा लगा दिया। वकील ने कहा कि आरोपित की दो छोटी बच्चियां हैं। जेल में होने के कारण उनके पालन पोषण की समुचित तरीके से नहीं हो रही है। 

इस पर एडीजीसी एंटी डकैती कोर्ट प्रशांत मिश्रा ने इसका विरोध करते हुए कहा कि अभियुक्त ने पुलिस की हत्या में शामिल अपराधियों का योजना बनाकर साथ दिया। जिसके कारण कई पुलिस कर्मियों की निर्मम हत्या हुई थी। उन्होंने यह भी बताया कि रेखा अग्निहोत्री विकास दुबे के घर पर नौकरानी का काम करती थी। उसने विकास और उसके साथियों को छुपे हुए पुलिस कर्मियों की लोकेशन बताई थी और मारने के लिए ललकारा था।उन्होंने कहा कि इस मामले में सह अभियुक्त केके शर्मा शिवम दुबे उर्फ दलाल और पूर्व एसओ विनय तिवारी की जमानत अर्जी भी पूर्व में निरस्त की जा चुकी है। साथ ही इस मामले में चश्मदीद गवाहों ने भी रेखा और अन्य महिलाओं की घटना में संलिप्तता की बात कही है। दोनों पक्षों को सुनने के बाद कोर्ट ने जमानत अर्जी को निरस्त कर दिया। 

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