उत्तर प्रदेशराज्य

लखनऊ, वाराणसी सहित दर्जन भर जिलों में आतिशबाजी पर लगाई रोक: योगी सरकार का बड़ा फैसला

लखनऊ
प्रदूषण को देखते हुए उत्तर प्रदेश सरकार ने लखनऊ, वाराणसी कानपुर सहित एनसीआर में आतिशबाजी पर रोक लगा दी है। एनजीटी न्यायालय नई दिल्ली द्वारा दिए गए आदेशों के क्रम में यह फैसला लिया गया है। मुख्य सचिव राजेंद्र कुमार तिवारी ने एनजीटी न्यायालय के आदेशों का पालन करने के लिए दिशा निर्देश मंगलवार को जारी किए हैं। बरेली व प्रयागराज में आतिशबाजी पर रोक का फैसला फिलहाल नहीं किया गया है।

ग्रीन पटाखों व डिजिटल-लेजर तकनीक पर जोर
दीपावली मनाने के लिए ग्रीन क्रेकर, डिजिटल, लेजर तकनीकी का प्रयोग करने के लिए लोगों को प्रोत्साहिक करने के निर्देश दिए हैं। प्रदेश सरकार ने आतिशबाजी की बिक्री व प्रयोग के संबंध में एनजीटी न्यायालय नई दिल्ली द्वारा पारित आदेशों के क्रम में विस्तृत दिशानिर्देश सभी मंडलायुक्तों, जिलाधिकारियों के साथ ही मंडलीय व जनपदीय वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को दिए हैं।

इन जिलों में रहेगी आतिशबाजी पर रोक
मुख्य सचिव राजेन्द्र कुमार तिवारी ने बताया है कि एनजीटी न्यायालय द्वारा एनसीआर के जिला मुजफ्फरनगर की स्थिति खराब, आगरा, मेरठ व हापुड़(एनसीआर) और वाराणसी बहुत खराब, जबकि एनसीआर में गाजियाबाद, नोएडा व ग्रेटर नोएडा, बागपत व बुलंदशहर के अलावा कानपुर, मुरादाबाद में प्रदूषण का स्तर एक्यूआई की स्थिति गंभीर बताई गई है। इन जिलों में आतिशबाजी की बिक्री व प्रयोग पर एनजीटी न्यायालय द्वारा दिए गए आदेशों का अनुपालन कराया जाएगा।

मध्यम वायु प्रदूषण वाले जिलों में केवन ग्रीन क्रेकर्स बिकेंगे
उन्होंने बताया है कि प्रदेश के जिन जनपदों में एक्यूआई माडरेट या उससे बेहतर है, वहां पर केवल ग्रीन क्रेकर्स बेचे जाएं। इसके अतिरिक्त इन जनपदों में दीपावली को मनाने के लिये ग्रीन क्रेकर व डिजिटल/लेजर आदि नई तकनीक के प्रयोग को आमजन में प्रोत्साहित किया जाए।

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