उत्तर प्रदेशराज्य

लखनऊ के इन 50 गांवों में सिर्फ कागजों पर बिजली कनेक्शन 

 लखनऊ 
केंद्र सरकार की 'सौभाग्य योजना' से सरकार हर गांव तक बिजली पहुंचाने का दावा कर रही है, लेकिन राजधानी सहित मध्यांचल निगम के करीब 50 गांव व मजरों के लोग आज भी अंधेरे में जिंदगी गुजार रहे हैं। विद्युतीकरण की मांग को लेकर ग्रामीण लेसा से लेकर जिला प्रशासन तक गुहार लगा रहे हैं, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। हालांकि लेसा ने कागजों पर शत-प्रतिशत विद्युतीकरण का काम पूरा हो गया है। 

केंद्र सरकार ने 25 सितम्बर 2017 से देश के हर घर तक बिजली पहुंचाने के लिए सहज बिजली हर घर योजना (सौभाग्य) लांच की थी। इसके बाद लेसा ने हर गांव तक बिजली पहुंचाने का अभियान चलाया। इसके बावजूद बीकेटी के चिलांगीपुरवा, रहीमाबाद का शोभाखेड़ा, लखनऊ-उन्नाव सीमा पर कैथलखेड़ा व माल के नवीपनाह गांव में आज तक अंधेरा है। हालांकि लेसा अधिकारियों के मुताबिक लखनऊ के हर गांव व मजरों में बिजली कनेक्शन पहुंचाया जा चुका हैं।
 
बीकेटी के चिलांगीपुरवा गांव के लोग आज भी अंधेरे में जिंदगी गुजारने को मजबूर है। क्योंकि आजादी के सात दशक बीत जाने के बावजूद गांव में बिजली सप्लाई नहीं पहुंची। गांव में करीब 25 परिवार रहते हैं। ग्रामीणों ने जनप्रतिनिधियों से लेकर बिजली अधिकारियों तक शिकायत की, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। वहीं अधिशासी अभियंता एचपी मिश्रा ने बताया कि गांव में विद्युतीकरण का खर्च अधिक आयेगा।  
 

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