अंतरराष्ट्रीय

रूस की कोरोना वायरस वैक्सीन Sputnik V 92% असरदार

रूस की Sputnik V वैक्सीन लोगों को कोविड-19 से बचाने के लिए 92% असरदार है। वैक्सीन के अंतरिम ट्रायल नतीजों के आधार पर सोवरेन वेल्थ फंड ने यह दावा बुधवार को किया है। गौरतलब है कि वैक्सीन की रेस में रूस पश्चिमी देशों से आगे निकलने की कोशिश में है और अगस्त में ही उसने अपनी Sputnik V वैक्सीन को रजिस्टर करा लिया था। वहीं, पश्चिम का रूस के प्रयासों पर सवाल उठाना जारी है।

16 हजार वॉलंटिअर्स पर ट्रायल
रॉयटर्स की खबर के मुताबिक 16 हजार वॉलंटिअर्स पर किए गए ट्रायल में वैक्सीन की दो डोज दी गई थीं। रशियन डायरेक्ट इन्वेस्टमेंट फंड (RDIF) ने इस बारे में जानकारी दी है। RDIF वैक्सीन के विकास और वैश्विक मार्केटिंग का काम कर रहा है। हालांकि, एक्सपर्ट्स का कहना है कि ट्रायल के डिजाइन और प्रोटोकॉल के बारे में जानकारी बहुत ज्यादा नहीं है। ऐसे में नतीजों को लेकर कुछ कहना अभी मुश्किल है।

सुनाई जाएंगी कहानियां
RDIF के हेड किरिल दिमित्रीव ने बताया, 'हम डेटा के आधार पर कह रहे हैं कि हमारे पास बेहद असरदार वैक्सीन है।' उन्होंने यहां तक कह दिया कि यह एक ऐसी खबर है कि वैक्सीन के डिवेलपर इसके बारे में आने वाली पीढ़ियों को बताया करेंगे। दूसरी ओर वैज्ञानिकों ने मॉस्को के तेजी से आगे बढ़ने और उसे रेग्युलेटरी अनुमति मिलने पर चिंता जताई है। वे इस बात को लेकर आशंका जता रहे हैं कि पूरी तरह से सुरक्षित और असरदार घोषित किए जाने से पहले क्या वैक्सीन का बड़े स्तर पर ट्रायल किया जाना चाहिए?

6 महीने ट्रायल
RDIF ने कहा है कि रूसी ट्रायल 6 महीने चलेगा और इसके डेटा को अंतरराष्ट्रीय मेडिकल जर्नल में पियर रिव्यू के बाद पब्लिश किया जाएगा। वैक्सीन के ट्रायल के दौरान 20 लोगों को कोविड-19 हुआ और इसके बाद टेस्ट किया गया कि कितने लोगों को वैक्सीन दी गई और कितने लोगों को प्लसीबो।

Pfizer ने भी किया ऐलान
यह Pfizer और BioNTech की वैक्सीन के ट्रायल में पाए गए 94 इन्फेक्शन मामलों से काफी कम था। Pfizer ने बाद में कहा कि वह ट्रायल जारी रखेगा लेकिन बाद में 164 कोविड-19 केस पाए गए। बता दें कि Pfizer और BioNTech ने सोमवार को बताया था कि उनकी वैक्सीन 90% असरदार है।

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