राजनीति

राहुल बनाम कमलनाथ हो गया है अब “आइटम” का मामला

भोपाल

एमपी के डबरा में एक चुनावी सभा को संबोधित करते हुए कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ (Kamalnath) के मुंह से महिला एवं बाल विकास मंत्री इमरती देवी (Imarti Devi) के लिए आइटम शब्द निकल गया. एमपी की भाजपा (BJP) जो मुद्दे की तलाश में बैठी ही थी, उसने फ़ौरन इसे एक बड़े इवेंट की तरह मैक्सिमाइज़ किया और मुद्दे को देशव्यापी बना दिया. दरअसल भाजपा का उत्साह लाज़िमी भी था क्यूंकि इससे पहले भाजपा एमपी में आक्रामक होने के बजाय रक्षात्मक थी. उसे पता था कि कांग्रेस नीचे तक ये बात पहुंचाने में सफल हुई थी कि ये चुनाव “बिकाऊ बनाम टिकाऊ” का है. लोग बातें करने लगे थे कि भाजपा के साथ सिंधिया समर्थक जो 22 विधायक सहित 26 विधायक आए हैं वे एक डील के तहत आए हैं. भाजपा ने इसलिए पहले कमलनाथ सरकार की किसान कर्ज़ माफ़ी को झूठ बताना शुरू किया. लेकिन विधानसभा में कृषि विभाग के एक आईएएस अधिकारी ने लिखित जवाब में ये कहकर कि पिछली सरकार में कर्ज़माफी हुई, इस मुद्दे का गुब्बारा फोड़ दिया.

भोपाल से लेकर दिल्ली तक कमलनाथ के इस बयान की जमकर आलोचना हुई. तस्वीरों में जब एक तरफ अभिजात्य सी अकड़ रखने वाले कमलनाथ और रोती बिलखती दलित इमरती देवी की तस्वीरें नुमाया होने लगीं, तो सहज सहानुभूति इमरती देवी की तरफ जाने लगीं. पहले तो कमलनाथ उस आईटम शब्द की गूगल वाली व्याख्या करके ठंडा करने की कोशिश करते रहे, लेकिन जब उन्हें दिखा कि ये मामला बड़ा हो रहा है, तो उन्होंने खेद जताया लेकिन बेहद संकेतों में. मंगलवार को जब राहुल गांधी ने इस बयान को आपत्तिजनक और दुर्भाग्यपूर्ण बताया तो भाजपा और आक्रामक हो गई. वो अड़ गई कि सिर्फ निंदा से काम नहीं चलेगा. राहुल कमलनाथ के खिलाफ कोई एक्शन लें. उस पर कमलनाथ की प्रतिक्रिया तो और मारक आई. उन्होंने कहा कि राहुल जी को सन्दर्भ जो पता चला उसके मुताबिक उन्होंने राय दी, मैं बिलकुल इमरती देवी से माफ़ी नहीं मानूंगा. कमलनाथ के इस बयान को राहुल गांधी बनाम कमलनाथ बनाने की फ़िराक में भाजपा जुट गई है. इससे दो फायदे होंगे- एक तो कमलनाथ पर सीधा हमला ज़ारी रहेगा. दूसरा, अप्रत्यक्ष तरीके से राहुल को कांग्रेस में असहाय नेता स्थापित करने में भी मदद मिलेगी.

महिला आयोग ने कहा- ऐसे बयानों से व्यक्ति का चरित्र पता चलता है
राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष रेखा शर्मा ने कहा है कि कमलनाथ माफी मांगने की बजाय बेतुकी सफाई दे रहे हैं। यह उनके लिए शर्मनाक है। ऐसे बयानों से व्यक्ति के चरित्र का पता चलता है। उनकी पार्टी को सख्त कार्रवाई करनी चाहिए।

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