राष्ट्रीय

राज्यपाल धनखड़ बोले- ममता सरकार की गलत नीतियों और केंद्र से टकराव की कीमत चुका रही है पश्चिम बंगाल की जनता

सिलिगुड़ी
पश्चिम बंगाल के राज्यपाल जगदीप धनखड़ (Jagdeep Dhankhar) ने राज्य में प्रशासनिक हालात और कानून व्यवस्था को लेकर चिंता जाहिर की है। राज्यपाल ने रविवार को कहा कि सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस और केंद्र सरकार के बीच टाले जा सकने योग्य टकराव का खामियाजा जनता को भुगतना पड़ रहा है। राज्यपाल ने कहा, 'केंद्र और राज्य विकास के दो पहिये हैं। लोगों की मदद के लिए दोनों के बीच परस्पर संघीय और संयुक्त ऐक्शन होना चाहिए। पश्चिम बंगाल ने राज्य में स्वास्थ्य सुविधाओं की पोल खोल दी है। बेहतर होता कि राज्य सरकार केंद्र की आयुष्मान भारत योजना को लागू करती। दुर्भाग्य से राज्य के लोग दूरदर्शिता में कमी और टाले जा सकने वाले टकराव की कीमत चुका रहे हैं।'

पदभार ग्रहण करने के बाद से ही केंद्र सरकार के साथ टकराव की स्थिति में रहे धनखड़ ने कहा, 'पीएम किसान सम्मान निधि योजना के तहत केंद्र ने देश के हर किसान के खाते में 12 हजार रुपये ट्रांसफर किए। कुल 92 हजार करोड़ रुपयों का वितरण हुआ। केवल पश्चिम बंगाल के किसानों को ही सुविधा नहीं मिली। राज्य सरकार की गलत नीतियों और केंद्र के साथ टकराव का नतीजा है।' उत्तरी बंगाल की जमीनी हकीकत जानने के लिए दार्जीलिंग के एक महीने के दौरे पर आए धनखड़ ने राज्य में महिलाओं के खिलाफ बढ़ती हिंसा के मामले में भी राज्य सरकार की आलोचना की। उनका यह दौरा ऐसे समय में आया है, जब गोरखा जनमुक्ति मोर्चा सुप्रीमो बिमल गुरुंग ने एनडीए को छोड़कर तृणमूल कांग्रेस को सपॉर्ट करने का फैसला किया है।

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