उत्तर प्रदेशराज्य

यूपी पंचायत चुनाव 2020 : इन चार जिलाें में सबसे पहले परिसीमन का आदेश जारी

 लखनऊ  
यूपी के गौतमबुद्धनगर, गोंडा, संभल व मुरादाबाद जिले में ग्राम पंचायतों के परिसीमन की प्रक्रिया 9 नवंबर से शुरू हो रही है। इन चार जिलों में 2015 में परिसीमन नहीं हो पाया था। अपर मुख्य सचिव पंचायतीराज मनोज कुमार सिंह ने इन चारों जिले में ग्राम पंचायतों के पुनर्गठन व परिसीमन के आदेश जारी कर दिए हैं। परिसीमन के लिए समय सारिणी तय कर दी है। 

जानिए कौन सा काम कब तक होगा :

गोंडा के जिला पंचायतराज अधिकारी सभाजीत पाण्डेय ने बताया कि शासन ने परिसीमन की प्रक्रिया शुरू करने की अनुमति दे दी है। इसके लिए शासन की ओर से निर्धारित समय सारिणी भ्प्राी जारी कर दी गई है। जो इस प्रकार है- 

– प्रार्थना पत्र व प्रस्ताव 09 नवम्बर से 20 तक प्राप्त किये जाएंगे। 

– 21 नवम्बर से 25 नवम्बर तक तैयार प्रस्ताव का अनन्तिम प्रकाशन की कार्यवाही। 

– अनन्तिम प्रकाशन के बाद 02 दिसम्बर तक आपत्तियां प्राप्त किये जाने की अन्तिम तिथि। 

– प्राप्त आवेदन पत्रों के परीक्षणोपरान्त निदेशालय को अन्तिम संस्तुतियां 06 दिसम्बर को भेजा जाना। 

–  07 दिसम्बर से 13 दिसम्बर तक निदेशालय स्तर पर अधिसूचना निर्गत किया जाना। 

– 14 दिसम्बर से 18 दिसम्बर तक अधिसूचना का सरकारी गजट में मुद्रण और प्रकाशन तक पुनर्गठन के सम्बन्ध निम्नवत कार्यवाही। 

पंचायत क्षेत्र का गठन जनगणना 2011 के आधार पर : 

डीपीआरओ ने बताया कि ग्राम पंचायत के क्षेत्र में परिवर्तन का प्रस्ताव सम्बन्धित ग्राम पंचायत द्वारा अथवा उस ग्राम पंचायत के 50 या उससे अधिक निवासियों द्वारा निर्धारित अवधि के अन्दर प्रस्तुत किया जायेगा,  ग्राम पंचायत क्षेत्र का गठन जनगणना वर्ष 2011 के प्रकाशित आकणों के आधार पर किया जायेगा एवं किसी ग्राम पंचायत के पंचायत क्षेत्र के निर्धारण के लिए किसी राजस्व ग्राम या मजरे को विभाजित नहीं किया जायेगा। उन्होंने यह भी बताया कि किसी ग्राम पंचायत के प्रादेशिक क्षेत्र में केवल ऐसे राजस्व ग्राम, ग्रामों को सम्मिलित किया जायेगा जो भौगोलिक दृष्टि से एक-दूसरे से निकटस्थ हांे। राजस्व ग्राम या ग्रामों को किसी पंचायत क्षेत्र में सम्मिलित करने में यह भी ध्यान रखा जायेगा कि इनके मध्य दूसरी ग्राम पंचायत का कोई प्रादेशिक क्षेत्र न पड़ता हो तथा ग्राम पंचायतो में सम्मिलित किये जाने वाले राजस्व ग्राम के बीच में कोई नदी नाला, पहाड़ या कोई प्राकृतिक अवरोध उसके बीच आवागमन में बाधक न हो। उन्होंने स्पष्ट किया कि ग्राम पंचायतों के पुनर्गठन के प्रस्ताव निर्धारित अवधि के अन्दर जिला पंचायत राज अधिकारी कार्यालय में प्रस्तुत किये जा सकेंगे।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button