अंतरराष्ट्रीय

युद्ध की तैयारी में चीन? अपने सैनिकों के लिए ग्राफीन के कपड़े और ड्रोन खरीदने जा रहा ड्रैगन

बीजिंग
भारत से तनाव के बीच चीन अपनी पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) को और मजबूत बनाने में जुट गया है। चीनी मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक चीन ने भारत की लंबी ऊंचाई वाले सीमावर्ती क्षेत्रों में तैनात पीपुल्स लिबरेशन आर्मी को पहले से और उन्नत और मानव रहित हथियार और ग्राफीन से बने कपड़ों की आपूर्ति के लिए लगभग दो दर्जन निजी कंपनियों को शॉर्टलिस्ट किया है।  चीनी सेना ने खरीददारी के लिए जो सूची तैयार की है उसमें बहुत कम तापमान और अधिक ऊंचाई वाले क्षेत्रों में तैनात अपने जवानों के लिए ग्राफीन से बने स्मार्ट गर्म कपड़े शामिल हैं। ग्राफीन के बारे में बता दें कि ये कार्बन का एक स्वरूप है। साल 2010 में ग्राफीन की खोज के लिए वैज्ञानिक आंद्रा गीम और कॉन्सटैंटीन नोवोसेलोव को फिजिक्स के नोबेल पुरस्कार से सम्मानित किया गया था।  इसके साथ-साथ चीन अपनी सेना के लिए आधुनिक रसद (लॉजिस्टिक) सहायक उपकरण लाने की योजना बना रहा है। इसमें कई चिजें जैसे की पोर्टेबल सोलर चार्जर, ऑक्सीजनेटर और एक हाईटेक भोजन वाहन शामिल है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक चीन ने जिन प्राइवेट कंपनियों को चुना है, उनमें कुछ दक्षिण चीन में हैं और ड्रोन टेक्नोलॉजी में महारत रखती हैं। इसके अलावा ये कंपनियां मानवरहित वाहनों को निर्माण करने के लिए जानी जाती हैं। हालांकि चीन ने हथियार और उपकरण की खरीदारी के लिए किन-किन कंपनियों को चुना है, इसका खुलासा नहीं किया है।

ग्लोबाल टाइम्स की एक रिपोर्ट के अनुसार पीएलए की तिब्बत कमांड ने 22 निजी शस्त्र कंपनियों को न्योता दिया था और उनके उत्पादों की समीक्षा के लिए मीटिंग भी की थी। इस बैठक में ऐसे हथियारों की समीक्षा की गई जो पठार युद्ध और सीमा रक्षा के लिए इस्तेमाल करने में बेहतर हो सकते हैं। सीसीटीवी रिपोर्ट ने कहा कि पीएलए ने कई प्रकार के रोटर-विंग और फिक्स्ड-विंग एरियल ड्रोन, जिनमें झेहाई स्थित ज़ियान यूएवी द्वारा विकसित ब्लोफिश ए 2 हेलीकॉप्टर ड्रोन और सीडब्ल्यू -25 वर्टिकल टेक-ऑफ और लैंडिंग ड्रोन का निरीक्षण भी कर चुकी है। ये वो हथियार है जिनको इस तरह से डिजाइन किया गया है कि इनको अधिक ऊंचाई और कम तापमान वाले क्षेत्रों में किया जा सकता है। रिपोर्ट में यह नहीं बताया गया है कि आखिर वो कौन सी चीनी कंपनी है जो ग्राफीन से बने कपड़े बनाती है। वेबसाइट, Dailytechlife.com जो तकनीक और आविष्कार को ट्रैक करती है, ने बताया है कि कपड़े जो कि ग्राफीन जो कि थर्मल, वॉटरप्रूफ और फायरप्रूफ हो सकता है। इसके साथ-साथ इसमें और भी उन्नत तकनीकी का इस्तेमाल भी किया जा सकता है जो कि सामान्य रूप से कपड़ों से जुड़े नहीं होते हैं। चीन की इन तैयारियों को देखकर विशेषज्ञों को आशंका हो रही है कि कहीं चीन युद्ध की तैयारियों में तो नहीं लग गया है।

 

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