खेल

मैं RCB के मैनेजमेंट होता तो कोहली को कप्तानी से ही हटा देता -गंभीर

नई दिल्ली
रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर (RCB) का आईपीएल की चमचमाती ट्रोफी जीतने के सपना एक बार फिर से टूट गया। विराट कोहली की कप्तानी वाली टीम आरसीबी को एलिमिनेटर में सनराइजर्स हैदराबाद के खिलाफ 6 विकेट से शिकस्त झेलनी पड़ी।

शुक्रवार को अबु धाबी के शेख जायेद स्टेडियम में डेविड वॉर्नर की टीम हैदराबाद ने गेंदबाजों के दमदार प्रदर्शन के बाद केन विलियमसन (50*) की शानदार पारी की बदौलत बैंगलोर (131/7) को 6 विकेट से हरा दिया और क्वॉलिफायर-2 में जगह बनाई जहां उसकी भिड़ंत दिल्ली कैपिटल्स से होगी। बैंगलोर के लिए धुरंधर एबी डि विलियर्स ने 56 रन की पारी खेली लेकिन हैदराबाद के गेंदबाजों के सामने आरसीबी टीम बड़ा स्कोर खड़ा नहीं कर पाई।

इस हार के बाद पूर्व भारतीय ओपनर गौतम गंभीर ने कहा कि यह बैंगलोर के लिए वक्त है कि वह कप्तानी के लिए विराट कोहली से आगे सोचे। उन्होंने कहा कि यदि वह बैंगलोर टीम के मैनेजमेंट में होते तो कोहली को कप्तानी से हटा देते।

कोहली ने 2013 में इस टीम की कप्तानी संभाली लेकिन तब से अब तक 8 सीजन में केवल 3 बार ही टीम प्लेऑफ तक पहुंच सकी। 2016 के सीजन में जरूर टीम रनर-अप रही लेकिन पिछले 2 सीजन में तो पॉइंट्स टेबल में अंतिम टीमों में शामिल रही।

यह पूछे जाने पर कि यदि वह फ्रैंचाइजी के प्रभारी होते तो कप्तान बदल देते तो गंभीर ने कहा, '100 प्रतिशत, क्योंकि समस्या जवाबदेही के बारे में है। टूर्नमेंट में आठ साल (बिना ट्रोफी के), आठ साल बहुत लंबा समय है। मुझे कोई भी अन्य कप्तान… कप्तान के बारे में भूल जाइए, मुझे कोई अन्य खिलाड़ी बता दीजिए जिसको आठ साल हो गए और खिताब ना जीता हो। यह जवाबदेही होनी चाहिए। एक कप्तान को जवाबदेही लेने की जरूरत है।'

उन्होंने कहा, 'यह केवल एक साल की बात नहीं है। ना केवल इस साल के बारे में है। मैं विराट कोहली के खिलाफ नहीं हूं लेकिन कहीं ना कहीं उन्हें अपना हाथ उठाने की जरूरत है और कहें- 'हां, मैं जिम्मेदार हूं। मैं जवाबदेह हूं।'

गंभीर ने कहा, 'आठ साल एक लंबा, बहुत लंबा समय है। रविचंद्रन अश्विन के साथ क्या हुआ। किंग्स इलेवन पंजाब के लिए (कप्तानी के दो साल) वह बेहतर नहीं दे पाए और उन्हें हटा दिया गया। हम एमएस धोनी के बारे में बात करते हैं, हम रोहित के बारे में बात करते हैं। लेकिन हम विराट कोहली के बारे में बात करते हैं … बिल्कुल नहीं। धोनी ने तीन (आईपीएल) खिताब जीते हैं, रोहित शर्मा ने चार, यही कारण है कि उन्होंने इतने लंबे समय तक कप्तानी की क्योंकि उन्होंने साबित किया है। मुझे यकीन है कि अगर रोहित ने आठ साल तक साबित ना किया होता, तो उन्हें भी हटा दिया जाता। अलग-अलग लोगों के लिए अलग-अलग बात नहीं होनी चाहिए।'

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