मध्य प्रदेशराज्य

मेडिकल यूनिवर्सिटी बार-बार बदल रही BMLT का शेड्यूल, तीन साल की डिग्री चार साल में भी अधूरी

भोपाल
कोरोना संकट के कारण स्कूल, कॉलेजों में पढ़ाई ठप है। संक्रमण के कारण स्कूल शिक्षा, उच्च शिक्षा सहित चिकित्सा शिक्षा से जुडे हजारों छात्रों की परीक्षाएं देरी से हो सम्पन्न हो पार्इं। इस बीच प्रदेश भर के पैरामेडिकल कॉलेजों से बैचलर आॅफ मेडिकल लैब टेक्नीशियन (बीएमएलटी) करने वाले हजारों छात्र अधर में लटके हुए हैं। जुलाई 2016 में एडमिशन लेने वाले हजारों छात्रों की तीन साल में पूरी होने वाली डिग्री अब तक पूरी नहीं हो पाई है। इस साल थर्डÞ ईयर की परीक्षाओं का शेड्Þयूल तीन बार बदला जा चुका है। बीते मंगलवार (27 अक्टूबर) से परीक्षाएं शुरू होनीं थीं लेकिन ऐनवक्त पर एग्जाम केंसिल कर दिया गया। मेडिकल यूनिवर्सिटी के इन फैसलों से छात्र परेशान हैं।

छात्रों के प्रतिनिधि मंडल में शामिल नीलेश पाटीदार ने बताया कि उन्होंने 2016 में एडमिशन लिया था। प्रथम और द्वितीय वर्ष की परीक्षाएं होने के बाद मार्कशीट अब तक नहीं मिली। कोरोना संकट के कारण अप्रैल में होने वाली थर्डÞ ईयर की परीक्षाएं भी टाल दीं गर्इं। जून में एग्जाम कराने शेड्यूल जारी होने के बाद बदल दिया गया। अभी अक्टूबर में परीक्षाओं का कार्यक्रम मेडिकल यूनिवर्सिटी ने जारी करके एग्जाम के एक दिन पहले 26 अक्टूबर शाम 6 को रद्द कर दिया। ऐसे में तीन साल की डिग्री पांच साल में भी पूरी नहीं हो पाएगी। हाल ही में निकली भर्तियों से भी हम वंचित रह जाएंगे।

इस मामले में मप्र आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय जबलपुर के कुलपति डॉ. टीएन दुबे का कहना है कि कोरोना संकट के बीच हमने चिकित्सा शिक्षा से जुडेÞ सभी डिग्री, डिप्लोमा की परीक्षाएं करा लीं हैं। बीएमएलटी के कई छात्र सप्लीमेंट्री और किन्हीं कारणों से अपात्र हो रहे थे। उन्होंने परीक्षा में शामिल करने का मौका मिल सके इसलिए थोड़ा बदलाव किया गया है। हमारे पास कर्मचारी कम हैं। परीक्षा से जुडा मामला गोपनीय होता है इस वजह से परीक्षा कराने में कुछ परेशानी आई है। दीपावली के बाद इनकी परीक्षा करा ली जाएगी।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button