उत्तर प्रदेशराज्य

मुनव्वर राना ने कहा माफी नहीं मांगूंगा,सजा भुगतने को तैयार

लखनऊ
1973 में एक फिल्म आई थी नमक हराम। उस फिल्म का एक गाना अलग-अलग किस्सों के साथ जिंदा लगता रहा। इस गाने को किशोर कुमार ने गाया था। गाने के बोल थे मैं शायर बदनाम। खैर, इन दिनों सुर्खियों में उर्दू के चर्चित शायर मुनव्वर राना हैं। फ्रांस में पैगंबर मोहम्मद के विवादित कार्टून की वजह से कई हत्याएं हुईं। इस पर मुनव्वर राना ने हमलों को जायज बता दिया फिर हंगामा शुरू हुआ। हंगामा बढ़ा तो मुनव्वर राना ने सफाई देते हुए कहा कि मैंने हमलों को जायज नहीं कहा है।

कत्लेआम को जायज बताए जाने के बाद लखनऊ के हजरतगंज थाने में एफआईआर दर्ज की गई है। इस पर मुनव्वर राना कहते हैं, 'मैं अपनी बात पर कायम रहूंगा। मुझे फ्रांस की घटना पर सच बोलने की जो भी सजा मिलती है वह मंजूर है। इसके साथ ही मुनव्वर राना ने यह भी कहा कि मैं इन लोगों की तरह नहीं जो मुकदमे वापस कराते फिरते हैं और सच बोलने से डरते हैं। अगर मुझ पर कोई भी गुनाह साबित हुआ तो बीच चौराहे पर मुझे शूट कर दो। मुनव्वर राना ने यह भी कहा कि 69 साल के शायर को चाहे जेहादी बना दो सच बोलना नहीं छोड़ूंगा। मेरे खिलाफ बुजदिलों ने किसी के इशारे पर कार्रवाई की। अपने बयान के लिए मैं माफी तो कतई नहीं मांगूंगा। फिर चाहे फांसी हो जाए।'

'मामूली दरोगा मुझ पर इल्जाम लगा रहा'
राना ने अपने खिलाफ मामला दर्ज होने पर कहा, '50 साल मैंने मां सरस्वती के चरणों में बैठकर गुजारे हैं। एक मामूली दरोगा जिसे शब्दावली का प्रयोग नहीं मालूम, वह मुझ पर इल्जाम लगा रहा है।' उन्होंने कहा, 'मैंने कोई ऐसी बात नहीं की है और मैं दुनिया में कत्ल की हिमायत नहीं करता हूं लेकिन जब बल्लभगढ़ में निकिता मारी गई तो मैंने ट्वीट किया था कि दोनों मुसलमान लड़कों को ले जाकर उसी जगह गोली मारना चाहिए।' राना ने पिछले महीने बलिया के रेवती क्षेत्र में हुए गोलीकांड का जिक्र करते हुए सवाल किया, 'बलिया में एक दलित को मार दिया गया। वहां का विधायक कह रहा है कि मैं इसको जायज समझता हूं। तब आपकी हिम्मत नहीं हुई उसके खिलाफ मुकदमा करने की।'

 

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