मध्य प्रदेशराज्य

मुख्यमंत्री चौहान के निर्देशों पर मिलावटखोरों के विरुद्ध हुई सख्त कार्रवाई

भोपाल

प्रदेश के नागरिकों को शुद्ध खाद्य पदार्थों की उपलब्धता सुनिश्चित कराने के लिए राज्य सरकार द्वारा सघन अभियान चलाया जा रहा है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के निर्देशों पर पिछले ढाई माह में खाद्य पदार्थो में मिलावट करने वालो के विरुद्ध की गई कार्रवाई में 258 के विरुद्ध प्रकरण दर्ज करवाए गए और इनमें से 208 प्रकरणों में मिलावटखोरों को दण्डित किया गया है। इसके साथ ही राजस्व न्यायालय द्वारा 27 लाख 92 हजार का अर्थ दंड अधिरोपित किया गया है। कुल अधिरोपित अर्थदंड से 14 लाख 65 हजार की वसूली भी की जा चुकी है। सी जे एम कोर्ट में पिछले ढाई माह में दर्ज 36 प्रकरण पर सुनवाई जारी है।

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने जनता को शुद्ध सामग्री उपलब्ध कराने और मिलावटखोरों एवं नकली सामग्री निर्माण एवं विक्रय करने वालों के विरूद्ध सख्त कार्यवाही के निर्देश दिये हैं। उन्होंने सभी जिला कलेक्टर्स के साथ पुलिस और संबंधित विभागों को निर्देश दिये की मिलावटखोरों के विरूद्ध कठोर कार्रवाई की जाए, जिससे प्रदेश में कोई भी मिलावटी सामग्री न तो बनायें और न ही कोई विक्रय कर सकें।

नियंत्रक खाद्य एवं औषधि प्रशासन ने बताया कि ईट राइट चैलेंज के अंतर्गत शामिल जिलों में लाइसेंस और रजिस्ट्रेशन की संख्या में वृद्धि, क्लीन स्ट्रीट फूड हब, इट राइट स्कूल, ईट राइट कैम्पस और जन जागरूकता के कार्यक्रमों को संचालित करने की गतिविधियां शामिल की गई है। मिलावटखोरी के विरूद्ध चलाये गये अभियान के दौरान की गई कार्यवाही में 5303 निरीक्षण और जांच के लिए 2247 खाद्य पदार्थो के नमूने लिए गए।

राज्य खाद्य चलित प्रयोगशाला से 468, मैजिक बाक्स के माध्यम से 1477 और अन्य स्रोतों से 325 खाद्य पदार्थों के सर्विलेंस नमूने लिए गए। जांच के लिए संकलित 5303 सर्विलेंस नमूनों में राज्य खाद्य प्रयोगशाला द्वारा 3347 नमूनों की जांच रिपोर्ट जारी की गई। खाद्य पदार्थों में मिलावट करने वालों के विरुद्ध निर्धारित प्रावधानों में धारा 32 के अंतर्गत 347 मिलावटखोरों को नोटिस जारी किए गए।

राज्य खाद्य प्रयोगशाला द्वारा पिछले ढाई माह की अवधि में खाद्य पदार्थ के संकलित नमूनों की जांच कर 3347 की रिपोर्ट दी गई। इनमें से 2912 नमूने मानक स्तर के पाए गए और 277 नमूने अमानक स्तर के पाए गए। इसके साथ ही 203 नमूने मिथ्या छाप के पाए गए। कुल संकलित खाद्य पदार्थो के नमूनों में 23 नमूने असुरक्षित प्रकार के पाए गए। धारा 32 के अतिरिक्त अन्य धाराओं में प्रतिबंधित नमूनों की संख्या 30 पाई गई।

अभियान के तहत की गई कार्यवाही में एडीएम कोर्ट में न्याय निर्णय अधिकारी के समक्ष प्रस्तुत प्रकरणों में से न्याय निर्णय अधिकारी न्यायालय द्वारा 258 प्रकरणों में आदेश पारित कर मिलावटखोरों के विरूद्ध अर्थदंड अधिरोपित किया गया। न्यायालय द्वारा 27 लाख 92 हजार रुपए का अर्थदंड पिछले ढाई माह में दर्ज कराए गए निर्णय में मिलावटखोरों के विरुद्ध किया गया। इसी अवधि में सीजीएम न्यायालय में पूर्व के 679 विचाराधीन प्रकरणों के अलावा 36 नए प्रकरण भी दर्ज कराए गए है।

राज्य सरकार मिलावट के विरुद्ध शक्ति से अभियान को संचालित कर रही है। खाद्य पदार्थों में किसी भी तरह की मिलावट नहीं हो इसके लिए खाद्य सुरक्षा प्रशासन विभाग का अमला पूरे प्रदेश में खाद्य विभाग, स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन के सहयोग से कार्यवाही कर रहा है। ऐसे क्षेत्रों में जहां पर खाद्य पदार्थों में मिलावट किए जाने की ज्यादा शिकायतें प्राप्त हुई है उन क्षेत्रों को विशेष तौर से सर्विलेंस में लिया गया है। इन क्षेत्रों में पदस्थ अधिकारियों को गंभीरता से कार्यवाही करने के लिए निर्देशित किया गया है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button