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मध्य प्रदेश उपचुनाव के नतीजों की उल्टी गिनती शुरू, शिवराज, सिंधिया और कमलनाथ के लिए इसलिए महत्वपूर्ण हैं परिणाम

भोपाल
मध्य प्रदेश में विधानसभा की 28 सीटों पर हुए उपचुनाव के लिए वोटों की गिनती (Counting for MP Bypolls 2020) मंगलवार सुबह आठ बजे शुरू होगी। परिणामों का रुझान सुबह नौ बजे से आने की संभावना है जबकि वास्तविक परिणाम (MP By Election result) 2-3 बजे से सामने आने लगेंगे। उपचुनाव के परिणाम प्रदेश में बीजेपी और कांग्रेस दोनों दलों के भविष्य का फैसला करेंगे। ये नतीजे कई राजनीतिक शख्सियतों के भविष्य लिहाज से भी महत्वपूर्ण हैं। इनमें प्रदेश के सीएम शिवराज सिंह चौहान, राज्यसभा सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया और कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ शामिल हैं। शिवराज सिंह चौहान को अपनी सरकार बनाए रखने के लिए कम से कम 9 सीटें जीतना जरूरी है। वहीं, उपचुनावों का सबसे बड़ा कारण ज्योतिरादित्य सिंधिया के साथ कांग्रेस के 22 विधायकों की पार्टी से बगावत थी। सिंधिया के समर्थकों को मंत्री पद मिल गया, वे खुद राज्यसभा के सदस्य बन गए, लेकिन बीजेपी में आने के बाद उपचुनाव उनकी लोकप्रियता का पहला टेस्ट है। इसलिए, आज आने वाले नतीजे सिंधिया के लिए भी अहम हैं। केवल 15 महीने सरकार चलाने के बाद मुख्यमंत्री पद छोड़ने को मजबूर हुए कमलनाथ अपनी सरकार दोबारा बनने के दावे कर रहे हैं। वहीं, बीजेपी का दावा है कि कांग्रेस के हारते ही कमलनाथ प्रदेश छोड़ दिल्ली की राजनीति में सक्रिय हो जाएंगे। इस लिहाज से कमलनाथ के लिए भी मंगलवार को आने वाले नतीजे बेहद महत्वपूर्ण हैं।

8 बजे से वोटों की गिनती शुरू
चुनाव आयोग के अधिकारी के अनुसार वोटों की गणना (Counting for MP Bypolls 2020) सभी 19 जिलों में सुबह आठ बजे से शुरू होगी। मतगणना की प्रक्रिया में चुनाव आयोग द्वारा कोविड-19 के लिए जारी दिशा निर्देशों का पालन किया जाएगा। बड़ी तादाद में मतगणना एजेंट एक साथ मतगणना केन्द्रों पर जमा नहीं होंगे। मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) कार्यालय के निर्देश के अनुसार उम्मीदवार और उनके काउंटिंग एजेंट मतगणना केन्द्र के एक हॉल में उपस्थित रह सकते हैं। मतगणना के ताजा रुझान और परिणामों को बड़ी स्क्रीन पर दिखाया जाएगा।

सुरखी में 22 राउंड काउंटिंग
सागर जिले की सुरखी विधानसभा सीट के लिए कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी दीपक सिंह ने रविवार को मतगणना से संबंधित तैयारियों का जायजा लिया और बताया कि शासकीय इंजीनियरिंग कॉलेज में 10 नवम्बर सुबह 8 बजे से मतगणना शुरू होगा। सभी काउंटिंग एजेंट सुबह 7 बजे तक मतगणना केंद्र पहुंच जाएंगे। काउंटिंग एजेंट अपने साथ मोबाइल फोन, तम्बाकू, गुटखा, कैल्क्यूलेटर, कैंची, चाकू सहित अन्य कोई भी प्रतिबंधित सामग्री लेकर प्रवेश नहीं कर सकेंगे। पास की उपलब्धता पर ही मतगणना केंद्र में प्रवेश दिया जाएगा। सभी काउंटिंग एजेंट कोरोना संक्रमण को ध्यान में रखते हुए अनिवार्य रूप से मास्क पहनकर आएंगे। वोटों की गिनती के लिए 22 राउंड होंगे। सुबह 8 बजे सबसे पहले पोस्टल बैलेट की गिनती की जाएगी। इससे पहले कड़ी सुरक्षा के बीच ईवीएम को स्ट्रॉन्ग रूम से निकाला जाएगा। इस प्रक्रिया की वीडियोग्राफी की जाएगी। ईवीएम की मतगणना का कार्य डाक मतपत्रों की गिनती पूरी होने के बाद शुरू होगा।

सांवेर के लिए इंदौर में काउंटिंग
सांवेर विधानसभा के लिए वोटों की गिनती इंदौर के नेहरू स्टेडियम में होगी। मतगणना के लिए 300 पुलिसकर्मी का अतिरिक्त बल लगाया है। काउंटिंग सेंटर पर नजर रखने के लिए सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। स्टेडियम में सिर्फ एंट्री पास के जरिए ही प्रवेश दिया जाएगा। जनप्रतिनिधियों के साथ आने वाले लोगों को भी बगैर पास के एंट्री नहीं दी जाएगी।

70 फीसदी से ज्यादा वोटिंग
3 नवंबर को हुए मतदान में महामारी के बावजूद 70.27 फीसदी लोगों ने अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया था। 2018 के विधानसभा चुनावों में इन 28 सीटों पर औसतन 72.93 प्रतिशत मतदान हुआ था। उपचुनाव की अधिकांश सीटें ग्वालियर-चम्बल क्षेत्र में हैं।

355 उम्मीदवार मैदान में
इस उपचुनाव में प्रदेश के 12 मंत्रियों सहित 355 उम्मीदवार मैदान में थे। मध्य प्रदेश के इतिहास में पहली बार इतनी सीटों पर उपचुनाव हुए हैं। बता दें कि इस साल मार्च महीने में कांग्रेस के 22 विधायक इस्तीफा देकर बीजेपी में शामिल हो गए थे। इससे कांग्रेस की सरकार अल्पमत में आ गई और कमलनाथ को मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देना पड़ा था। इनमें से अधिकांश विधायक ज्योतिरादित्य सिंधिया के समर्थक थे। सिंधिया खुद भी मार्च महीने में कांग्रेस छोड़कर बीजेपी में शामिल हो गए थे।

विधानसभा में सीटों का है ये गणित
मध्य प्रदेश की 230 सदस्यों की विधानसभा में फिलहाल बीजेपी के 107, कांग्रेस के 87, बसपा के दो, सपा का एक और चार निर्दलीय विधायक हैं। उपचुनाव की घोषणा होने के बाद दमोह से कांग्रेस के विधायक राहुल लोधी भी इस्तीफा देकर बीजेपी में शामिल हो गए। सदन की प्रभावी संख्या 229 के आधार पर बहुमत का आंकड़ा फिलहाल 115 है। बीजेपी को इस आंकड़े तक पहुंचने के लिए आठ सीट की जरूरत है जबकि कांग्रेस को सभी 28 सीटें जीतना जरूरी है।

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