छत्तीसगढ़राज्य

मत्स्य विभाग से मिले आइस बॉक्स, जाल और तराजू-बाट से मालिकराम बनेगा मालिक

रायपुर
रायपुर के ग्राम सेरीखेड़ी में रहने वाला मालिक राम को राज्य शासन द्वारा संचालित योजना से आइस बॉक्स और तराजू बॉट मिला है। यह साधन उसे गत दिवस जिला न्यायालय में आयोजित ई-मेगा कैम्प में कलेक्टर डॉ एस भारतीदासन और जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्री राम कुमार तिवारी के हाथों आइस बाक्स प्रदान किया गया।

अब मालिक राम खुश है। उसे उम्मीद ही नहीं भरोसा भी है कि मछली पकड?े के बाद इस आइस बाक्स में कई दिनों तक बिक्री के बाद बची हुई मछलियों को ताजी रख सकता है। इससे उसे घाटा भी नहीं सहना पड़ेगा। उल्लेखनीय है कि भले ही मत्स्य पालक का नाम मालिक राम है, लेकिन वह वर्षों से गरीब है। वह अपने गांव के पास ही डैम में मछली पकड़ कर आसपास बेच आता है। मछली बिक्री से जो आमदनी होती है, उसी से ही उसका और परिवार का घर खर्च चलता है। मालिक राम को अपने घर का खर्च सही ढंग से चलाने सुबह से ही बहुत मेहनत करना पड़ता है, कई बार जाल में उतनी मछलियां नहीं फंसती थीं जितना वह उम्मीद लगाए रहता था।

मालिक राम उस दिन दु:खी होता तो था लेकिन उसकी पीड़ा तब और अधिक बढ़ जाती थी जब कभी वह पूरी मेहनत कर अधिक मछलियां जाल में पकड़ लेता था, लेकिन अधिक संख्या में पकड़ी गई मछलियां बिक्री नहीं होने पर खराब हो जाती थी। मालिक राम के साथ ऐसा कई बार हुआ। इससे उसे घाटा भी सहना पड़ता था। वह आइस बॉक्स लेना तो चाहता था लेकिन ले नहीं पाता था। आखिरकार एक दिन उन्होंने अपनी पीड़ा मत्स्य विभाग को बताई। मत्स्य विभाग ने उसे गरीबी उन्मूलन कार्यक्रम अंतर्गत आइस बाक्स और बॉट प्रदान किया गया। आइस बाक्स मिलने पर खुशी जताते हुए मालिक राम ने कहा कि वह आसपास के बाजारों में अपनी मछलियां बेचने जाता है। मछली पकड?े के बाद उसे अब मछली को सुरक्षित रखना आसान होगा और खराब होने का डर भी नहीं रहेगा। आइस बाक्स नहीं होने से मछलियां खराब हो जाती थी। कई बार मछलियां खराब हो जाने की डर से वह आनन-फानन में बहुत कम दर पर मछलियां भी बेच आता था। जिससे उसे घाटा उठाना पड़ता था। यह सुविधा मिलने से उसकी आर्थिक स्थिति सुविधा जाएगी। मालिकराम को तराजू बाट भी नि:शुल्क प्रदान किया गया है।

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