मध्य प्रदेशराज्य

भाजपा उपचुनावों में ज्यादा से ज्यादा सीटें जीतेगी: वीडी शर्मा

भोपाल
 प्रदेश भाजपा अध्यक्ष वी.डी.शर्मा 28 सीटों पर उपचुनावों के दौरान घनघोर चुनाव प्रचार करने के बाद इस बात को लेकर आश्वस्त हैं कि राज्य में भाजपा की सरकार न सिर्फ बरकरार रहेगी बल्कि पूरी ताकत से काम करेगी। उन्होंने कहा कि हम ज्यादा से ज्यादा सीटें जीत रहे हैं। इसका कारण भाजपा कार्यकर्ताअों का आपस में पूरा तालमेल और विकास के मुद्दे पर वोट मांगना है। जबकि प्रतिद्ंवद्वी कांग्रेस का अंतर्द्वंद्व पूरी तरह सतह पर आ गया है।  

भोपाल में प्रदेश भाजपा कार्यालय में बातचीत में वी.डी.शर्मा ने पूरे आश्वस्त भाव से सवालों के जवाब दिए। हालांकि चुनाव प्रचार औपचारिक रूप से बंद होने के बाद भी वे चुनाव प्रबंधन और कार्यकर्ताअों की सक्रियता अंतिम क्षण तक बनाए रखना सुनिश्चित करने के लिए अभी भी काम में जुटे हुए हैं। यह पूछे जाने पर कि उपचुनाव नतीजों और इस चुनाव में मतदाता के रूख के बारे में उनका आकलन क्या है, वीडी बोले कि ये उपचुनाव ही वास्तव में कांग्रेस के बिखराव और अंतर्द्वंद्व के कारण हो रहे हैं। पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ का अपने कार्यकर्ताअों के साथ कोई संवाद नहीं था। उनके लिए सिर्फ छिंदवाड़ा का विकास ही मध्यप्रदेश का विकास था। खासकर ग्वालियर-चंबल अंचल और बुंदेलखंड तो उनकी प्राथमिकता में थे ही नहीं। यही कारण है कि ग्वालियर-चंबल अंचल के विधायकों  में गहरा असंतोष फैला और उन्होंने भाजपा के साथ आना पसंद किया। जनता भी इस बात को समझती है। यकीन मानिए वह उपचुनावों में भाजपा को ही जिताएगी।

कमलनाथ के इस बयान कि जनता चुनाव में ‘दलबदलुअों को सबक सिखाएगी’ के सवाल पर प्रदेश भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि दलबदल के लिए हालात किसने पैदा किए, यह जनता से छुपा हुआ है क्या? अगर कमलनाथ समदर्शिता से काम लेते तो यह नौबत ही न आती। कमलनाथ के सीएम रहते कांग्रेस में ग्वालियर अंचल के वरिष्ठ नेता  ज्योतिरादित्य सिंधियाजी का घोर अपमान हुआ। उनके समर्थक विधायकों  की उपेक्षा हुई। दरअसल इन उपचुनावों में कांग्रेस हार के डर बौखला गई है। कमलनाथ अधिकारियों को धमकियां दे रहे हैं। इसे क्या कहा जाए? उन्होंने एक महिला मंत्री का सार्वजनिक रूप से अपमान किया। यह जनता से छुपा नहीं है। उन्होंने कहा कि कमलनाथ आज जिस भाषा में बात कर रहे हैं, इससे उनका  घमंड ही प्रकट होता है। यह पूछे जाने पर ‍िक मप्र के राजनीतिक इतिहास में इतने बड़े पैमाने पर विधायकों  का दलबदल अपवादस्वरूप ही हुआ है, क्योंकि जनता स्पष्ट जनादेश देती रही है। लेकिन क्या इन उपचुनावों के नतीजों के बाद दलबदल की राजनीति मप्र में आम प्रवृत्ति में तब्दील होगी? इसे नकारते हुए वीडी शर्मा ने कहा कि इसकी संभावना नहीं है। उपचुनावों के नतीजे साफ कर देंगे कि प्रदेश में भाजपा की स्थिर सरकार रहेगी।

इस प्रश्न के उत्तर में कि क्या नई परिस्थितियों में कांग्रेस से भाजपा में आकर कमल चिह्न पर चुनाव लड़ने वाले प्रत्याशियों और भाजपा कार्यकर्ताअों में जमीनी तालमेल बैठ गया है, तो वी.डी.शर्मा ने कहा कि भाजपा का कार्यकर्ता समझदार और अनुशासित है। वह परिस्थिति को समझता है। शर्मा ने दावे के साथ कहा कि सभी पार्टी कार्यकर्ता पूरे तालमेल के साथ चुनाव प्रचार में जुटे हैं और कांग्रेस के झूठे वचनों की भी पोल खोल रहे हैं। इससे उखड़े  कांग्रेसी अब खुलेआम गुंडागर्दी पर उतर आए हैं। यही कांग्रेस  का मूल चरित्र भी है।

इस उपचुनाव में भाजपा का मुख्‍य मुद्दा क्या है? इस प्रश्न के जवाब में वीडी शर्मा ने कहा कि भाजपा पहले भी विकास  के मुद्दे पर चुनाव लड़ती थी, अब भी लड़ रही है। क्योंकि हमारा विश्वास मध्यप्रदेश के विकास और चौतरफा प्रगति में है। कमलनाथ की विकास की परिभाषा केवल  छिंदवाड़ा तक सीमित थी। यह पूछे जाने पर कि क्या शिवराजसिंह चौहान पांचवीं बार सीएम बनने का रिकाॅर्ड बनाएंगे? वीडी शर्मा ने जवाब दिया कि वो चौथी बार मुख्यमंत्री बनकर रिकाॅर्ड  तो पहले ही बना चुके हैं। आगे भी प्रदेश उन्हीं के नेतृ्त्व में प्रगति करेगा। वीडी शर्मा ने कहा कि शिवराज जन-जन के नेता है। वो जनता के दुख दर्द को समझते हैं, उन्हीं के बीच घूमते हैं। उनकी आम पब्लिक से सीधी कनेक्टिविटी है। यही उनकी ताकत भी है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button